बिजली विभाग के सभी पदाधिकारीयों की हो संपत्तियों की जांच:- अमित।
अमरदीप नारायण प्रसाद
पूसा /समस्तीपुर:- भाजपा माले अध्यक्ष अमित कुमार ने कहा कि समस्तीपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में बिजली विभाग बिहार के जनता को अमरबेल की तरह बिजली विभाग खून चूसने का काम कर रही है। बिजली विभाग के कनीय अभियंता से लेकर बिजली विभाग के एसडीओ, जेई से लेकर सीएमडी तक इस लूट अभियान में लगे हुए हैं। भाकपा माले के जिला कार्यकारिणी सदस्य सह पूसा प्रखंड सचिव अमित कुमार ने संवाददाता से बातचीत के दौरान उक्त बातें कही। उन्होंने कहा बिजली विभाग और राजस्व विभाग में अनियमितता और भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं है। बिजली विभाग में भ्रष्टाचार हाई लाइट तब हुआ। जब बिजली विभाग के सीएमडी संजीव हंस को अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप में सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। श्री अमित ने कहा कि जानकार बताते हैं प्रत्येक जिला में कनीय अभियंता से लेकर सुपरिटेंडिंग इंजीनियर तक केवल लूट में ही लिप्त हैं। इसलिए एसडीओ, जेई से एसई तक सभी के आय और संपत्ति की जांच होनी चाहिए। मेरा दावा है जांच के बाद 70-80 प्रतिशत पदाधिकारी जेल चले जायेंगे। बिना नियमित मीटर रीडिंग लिए घर बैठे गलत बिलिंग करके सूद दर सूद जोड़कर अपने दलालों के माध्यम से अवैध वसूली का खेल बिजली विभाग में तो पुराना है। निजीकरण के बाद से इसमें इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणो से मिली शिकायत के अनुसार इस मामले में पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल से लेकर जिला स्तर तक असामाजिक तत्वों के बल पर वसूली किया जा रहा है। वसूली करने वाले विभाग के कर्मी या पदाधिकारी नहीं होते, बल्कि असामाजिक तत्व होते हैं। जो धमकाते हुए तालिबानी अंदाज में ऑन स्पाॅट पेमेंट की मांग करते हैं, एक दिन की मोहलत नहीं देते। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि बैंक बंद है या उपभोक्ता परेशान है। उनको किसी स्तर पर कार्रवाई होने का खौफ भी नहीं क्योंकि वे विभाग के कर्मी नहीं होते। माले नेता ने कहा कि काफी गिरगिराने पर विद्युत विच्छेद नहीं करने के लिए अवैध राशि की मांग करते हैं। ऐसे समय में जेई, से एसई तक किसी का फोन नहीं उठाते। आम आदमी थाना, कोर्ट कचहरी से बचना चाहता है, जिसका ये खुल कर फायदा उठाते हैं।
बिजली के पोल से घर तक बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होने के बावजूद मात्र सिंगल फेज कनेक्शन दिया जाता है। जिले भर में अधिकांश पोल पर अर्थिंग वायर है ही नहीं। इस बाबत शिकायत सुनने वाला कोई अधिकारी नहीं है। माले नेता ने कहा कि अगर सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, एक्सक्यूटिव इंजीनियर या जूनियर इंजीनियर से शिकायत करने की कोशिश की जाय तो ये सरकारी नंबर पर जल्दी काॅल नहीं उठाते। मगर दलाल और माफिया का फोन तुरंत उठाते हैं। भाकपा माले शीघ्र ही इस अवैध वसूली और पदाधिकारियों के संपत्ति की जांच को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
इस बात पर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर समस्तीपुर ने बताया कि यह आरोप हर दृष्टिकोण से निराधार है।



