विलुप्त हो रही लोक संगीत को नवोदित कलाकारों को प्रशिक्षण दे रही है मिथिलांचल संगीत कला मंच – श्याम सहनी।
पारंपरिक लोकसंगीत एवं नृत्य धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है -श्याम सहनी।
अशोक पासवान ब्यूरो आपकी आवाज।
विलुप्त हो रही लोक संस्कृति को नवोदित कलाकारों को प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के माध्यम से जनमानस तक पहुंचाने का काम कर रही है। मिथिलांचल कला मंच के कलाकार, उक्त बातें बिहार दिवस समारोह पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के पारंपरिक लोक नृत्य की उत्कृष्ट प्रदर्शन करने को लेकर मिथिलांचल संगीत महाविद्यालय सह कला मंच बिहट में शनिवार को आयोजित सम्मान समारोह में कलाकारों को मोमेंटो एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र से सम्मानित करने के दौरान जिला कला संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार साहनी ने कहीं उन्होंने कहा कि आज के दौर में हमारे पारंपरिक लोकसंगीत एवं लोक नृत्य धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है इस दौड़ में मिथिलांचल संगीत महाविद्यालय सह कला मंच बीहट के द्वारा लोक संस्कृति बचाओ अभियान के तहत बिहार के पारंपरिक लोकगीत एवं लोक नृत्य के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय नृत्य एवं गीत की भी प्रशिक्षण देने का काम कर रही है ।इस संस्था के कलाकारों द्वारा बिहार दिवस 2025 बेगुसराय गांधी स्टेडियम में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में लोक नृत्य कर्मा की प्रस्तुति बहुत ही बेहतरीन एवं सन्देशप्रद रहा , वहीं उन्होंने बाल रंग मंच बीहट के कलाकारों को सम्मानित करते हुए कहा कि युवा महोत्सव में नवोदित कलाकारों ने बेहतरीन एवं सशक्त अभिनय से नाट्य कर्मियों का दिल जीतने में कामयाब रहा और राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में नाट्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर बेगूसराय को गौरवान्वित किया,इस मौके पर प्रधानाध्यापक सह रंगकर्मी चंद्रशेखर कुमार ,समाजसेवी अशोक रजक ,मीडिया कर्मी धर्मवीर कुमार, कुमारी माधुरी,निशु , रुपाली , कशिश,जिज्ञासा ,पुष्पांजलि , अनुराधा , सुहानी , कुमारी ईशा ,बंदना ,एकता आकांक्षा, शिम्पी,
पूर्णिमा कुमारी, साक्षी ,मुस्कान, ऋषि कुमार, आकाश कुमार, राजेश कुमार ,विजेंद्र कुमार ,ऋषि कुमार , कुणाल कुमार, विशाल कुमार, सुजीत कुमार, रोहित कुमार,मिथिलांचल संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार पासवान समेत दर्जनों कलाकार एवं छात्र छात्राएं मौजूद थे।



