बिहार एवं झारखंड

लोकगीत–नृत्य–देशभक्ति की सुरमई शाम,कलाकारों की धमाकेदार प्रस्तुति पर गूंजती रही तालियां

लोकगीत–नृत्य–देशभक्ति की सुरमई शाम,कलाकारों की धमाकेदार प्रस्तुति पर गूंजती रही तालियां

लोकगीत–नृत्य–देशभक्ति की सुरमई शाम,कलाकारों की धमाकेदार प्रस्तुति पर गूंजती रही तालियां

बीएनएमवी कॉलेज में इंटरनेशनल सेमिनार के पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समा

मधेपुरा।

बीएनएमवी कॉलेज, साहुगढ़,मधेपुरा में आयोजित इंटरनेशनल सेमिनार में देर शाम सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया। लोकगीत, संगीत, नृत्य और देशभक्ति से सजे भव्य कार्यक्रम ने परिसर के माहौल को उत्साह, उमंग और भारतीय लोक परंपरा की सुगंध से भर दिया। मंच पर उतरे नवोदित और स्थापित कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर तक तालियों की गूंज में डूबे रहे।

दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ सांस्कृतिक उत्सव

कार्यक्रम का शुभारंभ विनोबा भावे विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. आर. एन. भगत, बीएनएमवी कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार, आरएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान, डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार सिंह, प्रॉक्टर डॉ. इम्तियाज अंजुम, क्रीड़ा निदेशक डॉ. अबुल फ़जल और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता संग्राम सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

गणेश वंदना से लेकर देशभक्ति के जोश तक — कार्यक्रम में दिखा पूरा सांस्कृतिक स्पेक्ट्रम

मंच पर चमके बच्चे, मंत्रमुग्ध हुआ ऑडिटोरियम l प्रांगण रंगमंच की नन्हीं कलाकारों ने गणेश वंदना और स्वागत नृत्य से कार्यक्रम की ऐसी शुरुआत की कि पूरा सभागार मंत्रमुग्ध हो उठा।

झिंझिया नृत्य से गूंजी कोसी की सांस्कृतिक विरासत

प्रांगण रंगमंच की माही और आरआर ग्रीन फील्ड स्कूल की छात्राओं ने झिंझिया नृत्य की प्रस्तुतियों से कोसी अंचल की सांस्कृतिक पहचान को मंच पर जीवंत कर दिया।

स्टेज पर छाया स्नेह आर्यन का जादू

स्थापित गायक स्नेह आर्यन ने एक से बढ़कर एक राष्ट्रीय गीत,लोकगीत और आधुनिक गीत पेश करके दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके देशभक्ति गीत ने सेमिनार में मौजूद प्रतिभागियों में ऊर्जा भर दी। बता दें कि आर्यन के पिता इस महाविद्यालय के प्राचार्य हैं, सेमिनार और इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में उनकी माँ भी शिरकत की l

बिरसा मुंडा पर विशेष प्रस्तुति

युवा गायक अर्जुन रॉकी और शंकर बिहारी ने भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित गीतों के जरिए सेमिनार के मूल विषयों—आदिवासी इतिहास और सांस्कृतिक विरासत—को दमदार ढंग से प्रस्तुत किया।

एंकरिंग ने बढ़ाई शोभा

कार्यक्रम का संचालन (डॉ.)
संजय कुमार परमार और राजेश कुमार राजू ने बेहतरीन तालमेल के साथ किया, जिससे हर प्रस्तुति ऊर्जावान और प्रभावशाली बनी रही।

एक शाम, जिसने कला, संस्कृति और देशभक्ति की नई परिभाषा गढ़ दी

बीएनएमवी कॉलेज में हुए इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने साबित कर दिया कि सेमिनार सिर्फ अकादमिक आदान–प्रदान का मंच नहीं, बल्कि समाज, लोक संस्कृति और सृजनशीलता के उत्सव का भी प्रतीक है।
पहले ही दिन की यह चमक दर्शाती है कि अगली प्रस्तुतियाँ और भी भव्य होंगी।

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