
बृज विहार, गाजियाबाद की प्रसिद्ध कवयित्री सोनी रावत को नेपाल से मिला मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि सम्मान
बृज विहार, गाजियाबाद की प्रसिद्ध कवयित्री सोनी रावत को नेपाल से मिला मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि सम्मान
बृज विहार, गाजियाबाद की प्रसिद्ध कवयित्री सोनी रावत को नेपाल से मिला मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि सम्मान


बृज विहार, गाजियाबाद यूपी की प्रसिद्ध कवयित्री सोनी रावत को नेपाल के काठमांडू में सम्मानित किया गया है। 21 फरवरी अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 2026 के अवसर पर नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा सोनी रावत को मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया है। नेपाल भारत मैत्री विकास, देवनागरी लिपि के संरक्षण संवर्द्धन, नेपाल भारत की मैत्री भाषा हिंदी/नेपाली के वैश्विक प्रचार प्रसार तथा देश विदेश के कवि, लेखक, साहित्यकार और शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर नेपाल, भारत सहित 5 देश के एक हजार प्रतिभाओं को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि सम्मान तथा मातृभाषा गौरव सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर बृज विहार, गाजियाबाद यूपी की प्रसिद्ध कवयित्री सोनी रावत को मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया है।

सोनी रावत की लेखन में गहरी रुचि है। उनकी 80 से अधिक कविताएँ विभिन्न संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं। इससे पहले साहित्य के क्षेत्र में उनकी बहुमूल्य उपलब्धियों और अमित प्रभाव के लिए सोनी रावत को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक रत्न पुरस्कार 2025 और अंतर्राष्ट्रीय आइकन पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जा चुका है। सोनी रावत ने स्वयं को एक समर्पित साहित्य प्रेमी के रूप में स्थापित किया है, जिनकी रचनाएँ गहनता, संवेदनशीलता और मानवीय भावनाओं और सामाजिक वास्तविकताओं से गहरे जुड़ाव को दर्शाती हैं। अपनी रचनाओं के माध्यम से, उन्होंने विचारों को शब्दों में पिरोने की एक उल्लेखनीय क्षमता का प्रदर्शन किया है जो चिंतन, जागरूकता और बौद्धिक विकास को प्रेरित करती है। साहित्य के प्रति उनका समर्पण रचनात्मक अभिव्यक्ति से कहीं अधिक है; यह संस्कृति को संरक्षित करने, ज्ञान साझा करने और पाठकों के बीच विचारोत्तेजक संवाद को प्रोत्साहित करने का एक माध्यम है। निरंतरता और जुनून के साथ, सोनी रावत भाषा की शक्ति का अन्वेषण करना जारी रखती हैं, मौलिकता और उद्देश्य के साथ साहित्यिक परिदृश्य को समृद्ध करती हैं।
सोनी रावत को सम्मान की बधाई देते हुए संस्था के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने कहा – आपकी साधना, समर्पण और सृजनशीलता भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहे। इसी शुभकामना के साथ हम आपको हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।


