
मेडिकल स्टोर–ओपीडी फ्रेंचाइजी के नाम पर 26 लाख की ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार
मेडिकल स्टोर–ओपीडी फ्रेंचाइजी के नाम पर 26 लाख की ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार
मेडिकल स्टोर–ओपीडी फ्रेंचाइजी के नाम पर 26 लाख की ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार

मेडिकल स्टोर–ओपीडी फ्रेंचाइजी के नाम पर 26 लाख की ठगी,आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ से दबोचा दुर्ग पुलिस ने
दुर्ग। मेडिकल स्टोर और ओपीडी संचालन की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में थाना मोहन नगर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने हॉस्पिटल सेटअप और हर माह भारी मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से लगभग 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर ने बताया कि प्रार्थी राहुल परिहार (40 वर्ष) ने 16 जनवरी 2026 को थाना मोहन नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि टस्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों एवं प्रतिनिधियों ने मेडिकल स्टोर एवं एमबीबीएस डॉक्टर की ओपीडी संचालन हेतु फ्रेंचाइजी देने का प्रस्ताव दिया था। आरोपियों ने आश्वासन दिया कि फ्रेंचाइजी लेने पर मेडिकल स्टोर का इंटीरियर, ब्रांड प्रमोशन, डॉक्टर की ओपीडी, पैथोलॉजी सुविधा, दवाइयों का स्टॉक, कर्मचारियों की व्यवस्था एवं वेतन का वहन कंपनी करेगी और प्रतिमाह 1 से 2 लाख रुपये तक का लाभ होगा।
प्रार्थी इन प्रलोभनों में आकर 28 अक्टूबर 2024 को फ्रेंचाइजी शुल्क एवं अन्य मदों में कुल ₹25,93,400 की राशि फोन-पे एवं आरटीजीएस के माध्यम से कंपनी को भुगतान किया। भुगतान के बाद न तो वादा की गई सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और न ही पर्याप्त दवाइयों का स्टॉक दिया गया। ई-मेल के माध्यम से संपर्क करने पर भी कंपनी प्रतिनिधियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
मामले में थाना मोहन नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 31/2026 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी रवि पांडे (26 वर्ष), निवासी सरोजिनी नगर, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
उक्त कार्रवाई में थाना मोहन नगर में पदस्थ निरीक्षक, उप निरीक्षक एवं विवेचना टीम के पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की फ्रेंचाइजी, निवेश या व्यवसायिक प्रस्ताव में शामिल होने से पहले उसकी विधिवत जांच-पड़ताल अवश्य करें। किसी भी धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



