
पीडा से कराहते मरीज को मुस्कुराता हुआ घर लौटाना चिकित्सा सेवा का पहला
पीडा से कराहते मरीज को मुस्कुराता हुआ घर लौटाना चिकित्सा सेवा का पहला
पीडा से कराहते मरीज को मुस्कुराता हुआ घर लौटाना चिकित्सा सेवा का पहला

आपकी आवाज़ न्यूज, समस्तीपुर: पीडा से कराहते मरीज को मुस्कुराता हुआ घर लौटाना चिकित्सा सेवा का पहला और अंतिम उद्देश्य है। इसमें मरीज और उनके परिजनाकें का हम पर विश्वास होना बेहद महत्वपूण है। सदर अस्पताल समस्तीपुर एवं पिरामल फाउंडेशन के तत्वाधान में शनिवार को आयोजित पियर लर्निंग कम्युनिटी (पीएलसी) कार्यशाला के उद्घाटन् सत्र को संबोधित करते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि यही हमारा धर्म है और कर्तव्य भी। हमारा व्यवहार और अपने पेशे के प्रति समर्पण उनमें हमारे प्रति विश्वास उत्पन्न करता है। विश्वास निर्माण विषयक इस कार्यशाला में स्वास्थ्यकर्मियों को टीम के भीतर तथा विभागों के बीच विश्वास निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।
इस क्रम में सबसे पहले अस्पताल अधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार एवं जिला योजना समन्वयक डॉ. आदित्यनाथ झा ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत चेतना गीत से हुई, जिसके बाद प्रतिभागियों को विभिन्न गतिविधियों एवं वीडियो के माध्यम से समझाया गया कि टीम और विभिन्न विभागों के बीच विश्वास कैसे विकसित किया जा सकता है।
तदुपरांत अपने संबोधन में दोनों पदाधिकारियों ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि उत्तम समन्वय और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नींव मजबूत विश्वास पर ही आधारित होती है।
तकनीकी सत्र में विश्वास (ट्रस्ट) के पाँच महत्वपूर्ण घटकों यथा सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, प्रतिबद्धता, सेवा संकल्प, और कुशल व्यवहार को सरल उदाहरणों के साथ समझाया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने समूह चर्चा और इंटरएक्टिव गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में एसएनसीयू नोडल डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. सय्यद मिराज, विभिन्न विभागों के इंचार्ज, स्टाफ नर्स, अधिकारी तथा सभी स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।



