शिवहर:पटना के गांधी मैदान में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वक्फ संशोधन कानून का कड़ा विरोध किया है
इस देश को बनाने में सभी धर्मों के लोगों का अहम योगदान,राजद नेता नवनीत कुमार झा

जिला शिवहर:पटना के गांधी मैदान में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वक्फ संशोधन कानून का कड़ा विरोध किया है ।उन्होंने कहा कि यह विधेयक न केवल वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने का प्रयास है, बल्कि मुसलमानों, पिछड़ों और दलितों के मतदान अधिकारों को छीनने की भी कोशिश है। जानकारी देते हुए राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता नवनीत कुमार झा ने कहा है कि हमारे नेता तेजस्वी ने कहा इस देश को बनाने में सभी धर्मों के लोगों ने योगदान दिया है। यह हम सबका हिंदुस्तान है।
नए वक्फ कानून को लेकर एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। पटना के गांधी मैदान में वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध हुई रैली में रविवार देश के अलग अलग इलाकों से हजारों लोग पहुंचे। इस विरोध प्रदर्शन के मंच पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और सांसद पप्पू यादव एक साथ नजर आए। तेजस्वी यादव ने कहा है कि इस कानून का बिहार चुनाव नतीजों के बाद कूड़ेदान में फेंक देगा।
राजद नेता नवनीत कुमार झा ने कहा है कि वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ पटना में हुई इस रैली को केंद्र और राज्य में शासित एनडीए सरकार के खिलाफ एक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि यह विरोध प्रदर्शन मुस्लिम संगठन इमारत-ए-शरीया के बैनर तले हो रहा था, जो कि बिहार ओडिशा और झारखंड में काफी एक्टिव है।
राजद नेता नवनीत कुमार झा ने कहा है कि हमारे पार्टी के नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि- हम जगह-जगह जगह लड़ेंगे ये लड़ाई।
इस दौरान बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि आरजेडी ने संसद और सड़क दोनों ही जगह इस कानून का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जब जेपीसी का गठन हुआ और विधेयक पारित होने के बाद हमारी पार्टी इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी गई, चाहे सदन में हो, सड़क पर हो या अदालत में, हम हर जगह इस लड़ाई को लड़ेंगे।
उन्होंने कहा है कि ‘बिहार इस कानून को कूड़ेदान में डाल देगा’आरजेडी नेता ने कहा कि जो लोग अभी सत्ता में हैं, वे जाने वाले हैं, जब गरीबों की सरकार सत्ता में आएगी, तो बिहार इस कानून को कूड़ेदान में फेंक देगा।
श्री झा ने कहा है कि इमारत-ए-शरिया के प्रमुख मौलाना फैसल रहमानी ने विरोध को एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक वक्फ अधिनियम वापस नहीं लिया जाता। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 13, 14, 25, 26 और 300 ए के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए अधिनियम की असंवैधानिक और अल्पसंख्यक विरोधी के रूप में आलोचना की।
श्री झा ने कहा है कि हम 1995 के वक्फ कानून को स्वीकार करते हैं लेकिन ये संशोधन हमारे पूजा स्थलों और विरासत भवनों को छीनने के अलावा और कुछ नहीं हैं। यह कानून देश में भाईचारे की भावना को कमजोर करता है।


