नव वर्ष सृष्टि सृजन उत्सव के मौके पर देवयज्ञ सह इंटर टॉपर्स को मिला सम्मान।
अशोक पासवान ब्यूरो आपकी आवाज।
नव वर्ष (चैत शुक्ल प्रतिपदा 2082 को सृष्टि संवत
1अरब96करोड़ 8लाख 53हजार126 वर्ष आरंभ होने पर रविवार को आर्य समाज मंदिर बारो में उत्सव मनाया गया।आर्य समाज का 151वां स्थापना दिवस भी मनाया गया।नव वर्ष पर तीन स्कूलों के नौ इंटर टॉपर्स को सम्मानित किया गया।
इसमें एसपीएनएस उच्च माध्यमिक विद्यालय बारो से स्कूल टॉपर राजदेवपुर टोला निवासी विनोद कुमार मल्लिक का पुत्र ओम कुमार मलिक( 455 अंक), दूसरे टॉपर गढ़हरा वार्ड14 निवासी शिक्षक सुमन कुमार का पुत्र दिव्यांशु प्रियम (427 अंक) ,तीसरे टॉपर निपनियां निवासी रणजीत सिंह की पुत्री ममता कुमारी( 425 अंक) को सम्मानित किया गया। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमरपुर के प्रथम टॉपर भुवनेश्वर कुमार के पुत्र अभिनव कुमार (418 अंक),दूसरे टॉपर मंटू कुमार राय का पुत्र अंकुश कुमार (409 अंक),तीसरे टॉपर कैलाश साह का पुत्र सचिन कुमार (406 अंक) को सम्मानित किया गया। बीएसएस प्लस टू स्कूल राजवाडा का प्रथम टॉपर गाछी टोला निवासी विजय कुमार का पुत्र शिवम कुमार,दूसरे टॉपर दिलीप कुमार पांडे की पुत्री प्रगति भारती,तीसरे टॉपर अलख निरंजन राय का पुत्र जीवेश कुमार सम्मानित किए गए।साथ ही इस अवसर पर समाज में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए वरिष्ठ रंगकर्मी शिवजी आर्य एवं फुलेना आर्य, योग शिक्षक धर्मेंद्र आर्य एवं निभा आर्या, प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ अशोक कुमार गुप्ता एवं डॉ रंजना सिन्हा को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। स्थानीय तीन उच्चतर माध्यमिक बारो,अमरपुर व राजवाड़ा स्कूलों से नौ इंटर टॉपर्स छात्र छात्राओं को समाजसेवी मुक्तेश्वर प्रसाद वर्मा एवं रंजीत कुमार सिंह के द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह का प्रारंभ देवयज्ञ के साथ किया गया। जिसके मुख्य यजमान प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ अशोक गुप्त, एवं उनकी धर्मपत्नी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रंजना सिन्हा बने।हरियाणा करनाल से पधारे स्वामी दयानंद ‘विदेह’ ने नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही परमात्मा ने अग्नि , वायु , आदित्य व अंगिरा इन चार ऋषियों को समस्त ज्ञान-विज्ञान का मूल रुप में संदेश क्रमशः ऋग्वेद , यजुर्वेद , सामवेद व अथर्ववेद के रूप में दिया था। इस कारण इसे वेद संवत भी कहते हैं । आज ही के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त कर वैदिक धर्म की ध्वजा फहराई थी।महर्षि वाल्मीकि रामायण आज से ही कलि संवत, विक्रम , शक एवं युधिष्ठिर संवत भी प्रारंभ होता है।आज ही के शुभ दिन विश्ववन्द्य अद्वितीय वेद द्रष्टा महर्षि दयानन्द सरस्वती ने संसार में सत्य वेद धर्म के माध्यम से सबके कल्याणार्थ आर्य समाज की स्थापना की थी। इस मौके पर जिला प्रधान शिव जी आर्य, आचार्य अरुण प्रकाश आर्य, आचार्य राघवेंद्र आर्य, आचार्य भूपेंद्र आर्य, रवींद्रनाथ आर्य, संतोष आर्य,डॉ सुधीर पासवान, रामदेव आर्य, सुधीर आर्य ,रजनीश आर्य, राजन आर्य, राजेंद्र आर्य,अधिवक्ता मनोज कुमार, श्याम आर्य, राम प्रवेश आर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


