Blog

नाटक केवल कला नहीं है, यह समाज का दर्पण है,,, परवेज़ यूसुफ

नाटक केवल कला नहीं है, यह समाज का दर्पण है,,, परवेज़ यूसुफ

अशोक पासवान ब्यूरो आपकी आवाज।

माॅडर्न थियेटर फाउण्डेशन (एमटीएफ) बेगूसराय ने स्थानीय दिनकर कला भवन परिसर में लघु नाटक : पंचम वेद का मंचन किया। नाटक का निर्देशन वरिष्ठ नाट्य निर्देशक व प्रशिक्षक परवेज़ यूसुफ़ ने किया। नाटक में भरतमुनि की भूमिका में राहुल कुमार तथा शिष्य के रूप में नीतीश कुमार, दीपा कुमारी, गौश परवेज़ (समीर) तथा राजू कुमार थे। मंच पार्श्व में हर्षवर्धन, मेहरून निशा तथा अलिशा ने सज्जा एवं वस्त्र विन्यास में सहयोग किया।
नाटक का आयोजन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली के 25वें भारत रंग महोत्सव के समापन तथा विश्व जन रंग कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया जो एक वैश्विक प्रयास का हिस्सा है। नाटक के माध्यम से लोगों तक ये संदेश दिया गया कि रंगमंच केवल लोकरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि इसके द्वारा शिक्षा एवं समाज के विभिन्न मुद्दों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सकता है।
अभिनेता का संवाद महत्वपूर्ण रहा कि हम कलाकार हैं निति के नियंता नही, कला कर्म करना हमारा धर्म है, हमारे विषय में, हमारी कला के विषय में तो नीति नियंताओं को विचार करना होगा, प्रयोग के साधन और अवसर उपलब्ध कराने होंगे। नाटक केवल कला नहीं है, यह समाज का दर्पण है। यह मानवता को सत्य के मार्ग पर ले जाने का साधन है। रंगमंच जाति, धर्म, भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर समग्रता में मानवीयता की बात करता है। आज भी रंगमंच समाज में विषम परिस्थितियों को दूर कर समाज में समता का भाव लेकर आता है। ये भाव निःसंदेह धरती को स्वर्ग बना सकता है। समाज को भी कला और कलाकारों को सम्मान देना होगा। नाटक की प्रस्तुति को आनॅलाइन भी प्रदर्शन किया जा रहा है।
मंच संचालन एवं निर्देशक परवेज़ यूसुफ़ ने किया।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button