विश्व पर्यावरण दिवस पर न्यायपालिका और वन विभाग ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प


विश्व पर्यावरण दिवस पर न्यायपालिका और वन विभाग ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
औरंगाबाद,औरंगाबाद पंकज कुमार
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर औरंगाबाद वन प्रमंडल के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर न्यायपालिका और वन विभाग ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और पौधारोपण कर इसे धरातल पर उतारने का कार्य किया।
मुख्य न्यायाधीश श्री राजकुमार ने अन्य न्यायाधीशों के साथ मिलकर जजेज कॉलोनी में पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। न्यायिक सेवा से जुड़े लोगों को इस दिशा में प्रेरणा स्रोत बनना चाहिए, ताकि आमजन भी प्रकृति की रक्षा हेतु जागरूक हों।
पौधारोपण के बाद मुख्य न्यायाधीश एवं उपस्थित अधिकारियों ने पौधों की देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। यदि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधे को जीवनभर संभालने का दायित्व ले, तो हमारी पृथ्वी फिर से हरी-भरी बन सकती है।
इस अवसर पर औरंगाबाद वन प्रमंडल के वन क्षेत्र पदाधिकारी श्री मनोज कुमार मिश्रा भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि न्यायपालिका जैसी संस्थाओं की भागीदारी से लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना और प्रबल होती है।
कार्यक्रम में वनपाल श्री चन्दन कुमार, वनरक्षी सुश्री पुष्पमाला, श्री पप्पू कुमार, श्री सोनू कुमार पाण्डेय, श्री अवतार कुमार एवं श्री विकास कुमार के साथ-साथ अन्य वनकर्मी भी शामिल हुए। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मिलकर करीब 200 पौधे लगाए। लगाए गए पौधों में नीम, पीपल, अशोक, गुलमोहर और अमरूद जैसे छायादार व फलदार वृक्ष शामिल थे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शपथ ली कि वे इस पर्यावरण दिवस को केवल प्रतीकात्मक रूप में नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक प्रयास के रूप में अपनाएंगे और हर वर्ष इससे जुड़ने हेतु प्रेरित करेंगे।
इस प्रकार यह आयोजन पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने और जागरूकता फैलाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।


