स्मृति शेष फुदन लाल यादव की द्वितीय पुण्यतिथि पर बेलबाड़ी में श्रद्धांजलि और सत्संग कार्यक्रम, उमड़ा आस्था का सैलाब

आपका विशाल व्यक्तित्व हमें जन सेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा: रंजीत यादव
स्मृति शेष फुदन लाल यादव की द्वितीय पुण्यतिथि पर बेलबाड़ी में श्रद्धांजलि और सत्संग कार्यक्रम, उमड़ा आस्था का सैलाब
पलासी।
अररिया जिले के पलासी स्थित ग्राम बेलवाड़ी, वार्ड नंबर 13 (शिव मंदिर के पास) में प्रखंड प्रमुख सदानंद यादव, जोकीहाट से भाजपा प्रत्याशी रहे रंजीत यादव एन ब्रदर्स के पिता फुदन लाल यादव की द्वितीय पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में “सत्संग कार्यक्रम” का आयोजन हुआ। इस भव्य कार्यक्रम में ससना धाम, उत्तर प्रदेश से आए प्रसिद्ध संत अमरजीत बाबा जी और उनके अनुयायियों ने श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रवचन दिए और जीवन को साधना, संयम, और सेवा का संदेश दिया।
यह आयोजन उनके पिता फुदन लाल यादव की पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया, जो जनसेवा के प्रति अपने समर्पण के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। रंजीत यादव और सदानंद यादव ने अपने पिता के आदर्शों को याद करते हुए उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने की बात कही।
कार्यक्रम में दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर, क्षेत्र के विभिन्न वर्गों के लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित हुए। सभी ने इस अवसर पर बाबा के प्रवचन सुने और उनके उपदेशों से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।
रंजीत यादव ने भावुक होते हुए कहा, “पिता धर्मः, पिता स्वर्गः, पिता ही परम तपः।” उन्होंने बताया कि उनके पिता ने हमेशा अपने जीवन में नैतिकता, ईमानदारी, और समाज की सेवा के आदर्शों को अपनाया और यही प्रेरणा उन्हें जीवनभर मिलती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने पिता के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज की सेवा में निरंतर लगे रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान गृहपति द्वारा आयोजित भंडारे में सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और एकजुट होकर परिवार और समाज की भलाई के लिए काम करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आगत लोगों ने दिवंगत फुदन लाल यादव के योगदान को याद किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभी ने उनके बताए गए मार्ग को आगे बढ़ाने की प्रतिज्ञा ली और इस कार्यक्रम को एक अनमोल धरोहर मानते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
यह श्रद्धांजलि सभा और सत्संग कार्यक्रम न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि एक सामूहिकता और प्रेरणा का स्रोत बन गया ।


