Blog

सामूहिक चेतना से राष्ट्र का पुनर्निर्माण संभव, युवाओं में राष्ट्रवाद की नई चेतना ज़रूरी” — कुलपति डॉ. अशोक कुमार

सामूहिक चेतना से राष्ट्र का पुनर्निर्माण संभव, युवाओं में राष्ट्रवाद की नई चेतना ज़रूरी" — कुलपति डॉ. अशोक कुमार

सामूहिक चेतना से राष्ट्र का पुनर्निर्माण संभव, युवाओं में राष्ट्रवाद की नई चेतना ज़रूरी” — कुलपति डॉ. अशोक कुमार

मधेपुरा कॉलेज में एनसीसी के राष्ट्रवाद और युवा विषयक सेमिनार में कुलपति, कर्नल, शिक्षाविदों ने युवाओं को राष्ट्रनिर्माण की रीढ़ बताया

मधेपुरा |

17 बिहार बटालियन एनसीसी, मधेपुरा कॉलेज के बैनर तले शुक्रवार को “राष्ट्रवाद और युवा” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन बिंदेश्वरी सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेजर डॉ. गौतम कुमार ने की और उद्घाटन श्रीकृष्ण विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार समेत विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। मंच पर भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक डॉ. सुधांशु शेखर, 17 बिहार बटालियन के एडम ऑफिसर कर्नल पी. के. चौधरी, डॉ. गुड्डू कुमार, प्रो. प्रसन्ना सिंह, डॉ. हर्ष वर्धन सिंह सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।

🔷 “बच्चे जन्म लेते ही राष्ट्र निर्माण की कड़ी बन जाते हैं” — डॉ. अशोक कुमार

कुलपति डॉ. अशोक कुमार ने उद्घाटन भाषण में कहा कि “प्रधानमंत्री से लेकर गांव के युवा तक, हर भारतीय राष्ट्र के भविष्य की कड़ी है।” उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की दिशा में सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

🔷 “भारत का राष्ट्रवाद वसुधैव कुटुंबकम का जीवंत उदाहरण” — डॉ. सुधांशु शेखर

मुख्य अतिथि डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि “पश्चिम का राष्ट्रवाद जहां टकराव से जुड़ा है, वहीं भारत का राष्ट्रवाद सहिष्णुता, बंधुत्व और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है।” उन्होंने युवाओं को एनसीसी को राष्ट्रीय सेवा और नेतृत्व का प्लेटफार्म बताते हुए कहा कि यह मंच “देश सेवा की पहली सीढ़ी” है।

🔷 “युवाओं को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनना होगा” — कर्नल पी. के. चौधरी

कर्नल चौधरी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “राष्ट्रवाद का पहला अध्याय है— ईमानदार नागरिक बनना।” उन्होंने कहा कि “सेना से लेकर सिविल सेवा तक हर मंच राष्ट्रसेवा का विस्तार है, लेकिन यह तभी सफल होगा जब युवा इतिहास को जानकर वर्तमान को दिशा देंगे।”

🔷 “फोन की लत युवाओं को राष्ट्रधर्म से भटका रही है” — प्रो. प्रसन्ना सिंह राठौर

प्रो. प्रसन्ना सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि “आज का युवा राष्ट्रवाद के मूल्यों से कटता जा रहा है, वजह है अनियंत्रित तकनीकी उपयोग।” उन्होंने कहा कि “नैतिक शिक्षा के अभाव में राष्ट्रप्रेम कमजोर हो रहा है, इसे शिक्षा में जोड़ना होगा।”

🔷 “एनसीसी सिर्फ अनुशासन नहीं, राष्ट्रसेवा का पाठ है” — डॉ. गौतम कुमार

समापन पर अध्यक्षता करते हुए मेजर डॉ. गौतम कुमार ने कहा कि “एनसीसी कैडेट्स देश के लिए मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक रूप से तैयार होते हैं।” उन्होंने गर्व से कहा कि “मधेपुरा कॉलेज की एनसीसी यूनिट के पूर्व छात्र देशभर में सेवा कर रहे हैं।”

छात्रों की उत्साही भागीदारी

कार्यक्रम में सृष्टि, सुनैना, आशु, साक्षी, अन्नू, मौसमी, सपना, सिंपल, शिवम, अंकुश पांडे समेत दर्जनों एनसीसी कैडेट्स ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

इस आयोजन ने यह साबित किया कि युवाओं में राष्ट्रवाद की भावना जागृत करने के लिए केवल भाषण नहीं, बल्कि प्रतिबद्ध मंच और सार्थक संवाद जरूरी हैं। मधेपुरा जैसे छोटे शहरों में भी अगर इस तरह की पहल हो रही है, तो भारत का भविष्य सचमुच सुनहरा है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button