
अररिया पुलिस लाइन में दीदी की रसोई का शुभारंभ, पुलिस बल को मिलेगा स्वच्छ और पौष्टिक भोजन”
अररिया पुलिस लाइन में दीदी की रसोई का शुभारंभ, पुलिस बल को मिलेगा स्वच्छ और पौष्टिक भोजन"
अररिया पुलिस लाइन में दीदी की रसोई का शुभारंभ, पुलिस बल को मिलेगा स्वच्छ और पौष्टिक भोजन”

नारी सशक्तिकरण की दिशा में जीविका की बड़ी पहल, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने किया उद्घाटन
अररिया ।
नारी स्वावलंबन और पोषणयुक्त खानपान की दिशा में एक अभिनव कदम उठाते हुए अररिया पुलिस लाइन परिसर में “दीदी की रसोई” का भव्य उद्घाटन किया गया। इस पहल की शुरुआत जिलाधिकारी अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार एवं जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक नवीन कुमार ने संयुक्त रूप से की। कार्यक्रम में पुलिस बल के साथ-साथ जीविका से जुड़ी बड़ी संख्या में दीदियों की उपस्थिति रही।
इस रसोई के माध्यम से पुलिसकर्मियों को अब घर जैसा पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। साथ ही, यह पहल स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी। दीदियों द्वारा संचालित यह रसोई न केवल स्वावलंबन की मिसाल बनेगी, बल्कि पुलिस बल के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी व्यवस्था भी सिद्ध होगी।
रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मान – तीनों की दिशा में एक कदम
जिला प्रशासन की यह पहल महिला सशक्तिकरण को ज़मीन पर उतारने वाला उदाहरण है। इससे पूर्व, सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल फॉरबिसगंज, और एससी-एसटी आवासीय विद्यालय में भी दीदी की रसोई सफलतापूर्वक चलाई जा रही है। पुलिस लाइन में इसकी शुरुआत इस बात का संकेत है कि “दीदी की रसोई” अब एक मॉडल बन चुका है, जिसे दूसरे क्षेत्रों में भी दोहराया जा सकता है।
“खुद सक्षम बनें, समाज को मजबूत बनाएं” – यही है दीदी की सोच
रसोई में काम करने वाली जीविका दीदियों ने कहा कि इस पहल से उन्हें आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक पहचान और आत्मनिर्भरता का अनुभव हो रहा है। वे न सिर्फ अपने परिवार के लिए आय का स्रोत बन रही हैं, बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
प्रशासन और जीविका की साझेदारी बनी प्रेरणा स्रोत
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री अनिल कुमार ने कहा कि “यह केवल एक रसोई नहीं, बल्कि महिलाओं को अवसर और सम्मान देने का प्रयास है।” एसपी श्री अंजनि कुमार ने भी इस मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि “इससे पुलिस बल को अच्छा भोजन मिलेगा और महिलाओं को आय का साधन। यह एक आदर्श उदाहरण है।”
“दीदी की रसोई” केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक आंदोलन बनता जा रहा है, जो महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, पोषण और प्रशासनिक नवाचार की मिशाल पेश कर रहा है। आने वाले समय में यह मॉडल राज्य और देश के अन्य जिलों में भी लागू हो सकता है।


