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मुंगेर विश्वविद्यालय में पहला सीनेट चुनाव: इतिहास की दस्तक, जज़्बात की लहर

मुंगेर विश्वविद्यालय में पहला सीनेट चुनाव: इतिहास की दस्तक, जज़्बात की लहर

मुंगेर विश्वविद्यालय में पहला सीनेट चुनाव: इतिहास की दस्तक, जज़्बात की लहर

एस टी कोटे की एक सीट निर्विरोध, बाकी 12 पदों पर कांटे की टक्कर; 14 अगस्त को खुलेगा लोकतांत्रिक फैसले का लिफाफा

 

मुंगेर ।

 

मुंगेर विश्वविद्यालय (एमयू) के इतिहास में पहली बार सीनेट चुनाव की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। एक तरफ उम्मीदों की हलचल है, तो दूसरी ओर रणनीति की सरगर्मी। विश्वविद्यालय ने 13 पदों के लिए अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।

 

हालांकि चुनावी रोमांच के बीच एक ऐसी खबर भी आई जो सभी को चौंका गई — अनुसूचित जनजाति (ST) कोटे की सीट पर सिर्फ एक ही प्रत्याशी मैदान में होने के कारण वह पद निर्विरोध घोषित होने जा रहा है। इसका औपचारिक ऐलान 14 अगस्त को किया जाएगा।

 

*चुनाव की पूरी टाइमलाइन*

 

नामांकन तिथि: 28 और 29 जुलाई 2025

 

नाम वापसी की आखिरी तिथिपर कोई प्रत्याशी पीछे नहीं हटा

 

*मतदान तिथि:*

 

11 अगस्त: शिक्षकेत्तर कर्मचारी पद (6 उम्मीदवार)

 

13 अगस्त: अंगीभूत कॉलेज (9 पदों पर 17 उम्मीदवार) + संबद्ध कॉलेज (3 पदों पर 6 उम्मीदवार)

 

मतगणना और परिणाम: 14 अगस्त 2025

 

*सीनेट चुनाव का समीकरण — एक नजर में*

 

🏫 अंगीभूत कॉलेज (17)

 

कुल 9 पदों पर चुनाव

 

एस टी कोटा की 1 सीट निर्विरोध

 

बाकी 8 पदों पर घमासान

 

 

*संबद्ध कॉलेज (11)*

 

3 पदों पर 6 उम्मीदवारों की प्रतिस्पर्धा

 

 

*शिक्षकेत्तर कर्मचारी पद*

 

1 पद पर 6 उम्मीदवार

 

मतदान: 11 अगस्त

 

*कुलसचिव बोले — सब कुछ पारदर्शी और शांतिपूर्ण*

 

सीनेट चुनाव के निर्वाची पदाधिकारी सह कुलसचिव प्रो. डा.घनश्याम राय ने बताया कि “विश्वविद्यालय ने अंतिम सूची जारी कर दी है। एक पद पर उम्मीदवार निर्विरोध हैं, बाकी सीटों पर चुनाव के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।”

 

*परिसर में अब चुनावी माहौल — प्रचार अभियान जोरों पर*

 

अंतिम सूची आने के बाद प्रत्याशी अब मैदान में उतर चुके हैं।

कॉलेज परिसरों में बैनर-पोस्टर

प्रचार के लिए टीम गठित

सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक चर्चा ही चर्चा

प्रत्याशियों ने शुरू की “परिवर्तन लाओ, शिक्षा बचाओ” जैसी मुहिमें

 

*सीनेट चुनाव — सिर्फ पद नहीं, शिक्षकों की आवाज़ की दस्तक*

 

यह चुनाव शिक्षकों, कर्मियों और कॉलेज प्रतिनिधियों को वह मंच देगा जहां वे विश्वविद्यालय के नीति निर्धारण में सक्रिय भागीदारी कर सकें।

 

यह सिर्फ एक चुनाव नहीं — यह विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक रीढ़ की नींव है।

 

*अब सबकी निगाहें 14 अगस्त पर*

 

जहां एक तरफ निर्विरोध उम्मीदवार का औपचारिक ऐलान होगा, वहीं दूसरी ओर 12 पदों पर लोकतंत्र का फैसला मतपेटियों से निकलेगा। कौन होगा विजयी?

उत्तर मिलेगा स्वतंत्र भारत के स्वतंत्र निर्णय के दिन — 14 अगस्त को।

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