
किसानों की लागत कम करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजना चलाया जा रहा है -शंभू कुमार सिंह।
किसानों की लागत कम करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजना चलाया जा रहा है -शंभू कुमार सिंह।
किसानों की लागत कम करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजना चलाया जा रहा है -शंभू कुमार सिंह।

सब्सिडरी का लाभ किसानों को मिले इसकी जिम्मेदारी हम सभी की है – अनुरंजन कुमार।
अशोक पासवान राज्य प्रमुख आपकी आवाज।
किसानों की लागत कम करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजना चलाया जा रहा है। इसकी जानकारी प्रखण्ड के हर किसानों तक पहुंचे इसकी गारंटी हो। केवल चिन्हित एवं सक्रिय किसानों तक यह सीमित नहीं रहे इसके लिए सभी कृषि समन्वयक किसान सलाहकार प्रमुखता से जागरूकता अभियान चलाएं। उक्त बातें शनिवार को बरौनी प्रखण्ड मुख्यालय स्थित ई किसान भवन सभागार में आयोजित ऊर्वरक निगरानी समिति की बैठक को संबोधित करते हुए बीस सूत्री अध्यक्ष बरौनी शंभू कुमार सिंह ने कहा। वहीं बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा दय सब्सिडरी का लाभ उचित किसानों को मिले इसकी जिम्मेदारी हमसभी की है। क्यूंकि कभी कभी बाजार में अधिक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध रहती है पर पांच दस बड़े कृषकों द्वारा उसे पहले ही क्रय कर लिया जाता है। इसमें सभी छोटे बड़े कृषकों को उचित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो इसकी निगरानी निरन्तर रूप किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूरिया खाद सहित सभी खादों पर मात्र 20 % मूल्य लगता है कृषकों का शेष राशि सब्सिडरी के माध्यम से सरकार भुगतान करता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यूरिया खाद की कीमत लगभग 2300 रुपया है जो बाजार में किसानों को मात्र 266 रुपए प्रति बैग में उपलब्ध है। वहीं कार्यक्रम को संबंधित करते हुए प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी बरौनी आयुष सिंह ने कहा कि उचित मूल्य पर उचित मात्रा में बाजार में उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यूरिया खाद की फैक्ट्री किसान स्वयं अपने खेतों में लगा सकते हैं अपने खेत में ढैचा लगाकर। उन्होंने कहा कि यूरिया खाद्य के स्थान पर आप ड्रॉन के सहयोग से नैनों यूरिया का छिड़काव करें तो इसमें किसानों को लागत भी कम लगेगी। बैठक की अध्यक्षता प्रखण्ड उप प्रमुख रूपम देवी ने किया। जबकि संचालन कृषि समन्वयक नवीन कुमार ने किया। वहीं प्रखण्ड सांख्यिकी पदाधिकारी बरौनी सत्येंद्र कुमार ने ऊर्वरक निगरानी के साथ ही क्रॉप कटिंग की विस्तारपूर्वक जानकारी साझा किए। वहीं अध्यक्षता करते हुए उप प्रमुख रूपम देवी ने कहा कि सरकार की मानसिकता को धरातल पर लाया जाए। किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले जिससे किसान खुशहाल हों। वहीं अन्य उपस्थित वक्ताओं ने बीज के कम अंकुरण, सरकार द्वारा तय मूल्य से अधिक कीमत पर बाजार में उर्वरक उपलब्ध होने, वर्षा जल प्रपात, जल जमाव के कारण फसल की बुआई नहीं होने के कारण फसल क्षतिपूर्ति की मांग सहित कई महत्वपूर्ण बातों को पूरी गंभीरता से रखा। मौके पर बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार,प्रखण्ड सांख्यिकी पदाधिकारी बरौनी सत्येंद्र कुमार, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी आयुष सिंह, कृषि समन्वयक निकेश कुमार,राजकिशोर सिंह, राजीव कुमार, बीटीएम आरती कुमारी, लेखपाल वन्दना कुमारी, खुदरा खाद विक्रेता संघ अध्यक्ष शिव कुमार पोद्दार, शिवशंकर भगत, किसान सलाहकार मकरंद कुमार,विकास कुमार, चन्दन कुमार, कांग्रेस प्रखण्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, बीस सूत्री सदस्य सुरेन्द्र सिंह, सरोज कुमार कुशवाहा, बिपिन सिंह, किसान सलाहकार श्याम कुमार राजकुमार पंकज कुमार रॉकी कुमार, विजय कुमार चौधरी, मटिहानी विधायक प्रतिनिधि, उप प्रमुख प्रतिनिधि के अलावा उपाध्यक्ष यशस्वी आनन्द सहित अन्य उपस्थित रहे।



