
फैसल एजुकेशनल सोसाइटी के बढ़ते क़दम की हर सू सराहना
फैसल एजुकेशनल सोसाइटी के बढ़ते क़दम की हर सू सराहना
फैसल एजुकेशनल सोसाइटी के बढ़ते क़दम की हर सू सराहना
चेयरमैन जनाब फिरोज़ आलम नदवी की ज़िंदादिली बनी इंसानियत की मिसाल
शंकरपुर |

शिद्दत से बढ़ती सर्दी के दरमियान फैसल एजुकेशनल सोसाइटी, शंकरपुर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ महज़ नारा नहीं, बल्कि अमल की सूरत है।
19 दिसंबर 2025 से अचानक बढ़ी ठंड को मद्देनज़र रखते हुए सोसाइटी के चेयरमैन जनाब फिरोज़ आलम नदवी की जानिब से ग़रीब, यतीम, अनाथ और बे-सहारा बच्चों के दरमियान गर्म पोशाक़ात का राहत शिविर मुनअक़िद किया गया, जिसकी हर तरफ़ ज़ोरदार तारीफ़ हो रही है।
इस राहत अभियान के तहत सोसाइटी के मातहत चल रहे तालीमी इदारों में तालीम हासिल कर रहे मुस्तहिक़ तालिब-ए-इल्म व तालिबात को स्वेटर, जैकेट और दीगर सर्दी से हिफ़ाज़त करने वाली पोशाक़ात तक़सीम की गईं, ताकि वे सर्द हवाओं के असर से महफ़ूज़ रह सकें।
इसके अलावा सोसाइटी के मुलाज़िमीन और आमिलीन को भी ज़रूरत के मुताबिक़ गर्म कपड़ों से नवाज़ा गया।
तक़सीम के दौरान क़रीब-ओ-जवार की ज़रूरतमंद और बेवा ख़वातीन को भी दावत देकर इज़्ज़त-ओ-एहतराम के साथ गर्म पोशाक़ात पेश की गईं, जिससे समाज में इंसानियत और हमदर्दी का पैग़ाम आम हुआ।
तीन दहाइयों से ख़िदमत का रौशन सफ़र
क़ाबिल-ए-ज़िक्र है कि फैसल एजुकेशनल सोसाइटी, शंकरपुर पिछले तीन दहाइयों से तालीम, समाजी ख़िदमत और फ़लाह-ओ-बहबूद के मैदान में लगातार अहम किरदार अदा कर रही है। जब भी ज़रूरत ने दस्तक दी, सोसाइटी ने बिला तफ़रीक़ मज़हब-ओ-मिल्लत अपने दस्त-ए-तआवुन को दराज़ किया।
अहल-ए-इलाक़ा का कहना है कि चेयरमैन जनाब फिरोज़ आलम नदवी की ज़िंदादिली, दूरअंदेशी और दर्दमंदी ही इस इदारे की असली पहचान है। वे हर हाल में इंसानियत को अव्वल रखते हैं।
चेयरमैन का पैग़ाम
इस मौक़े पर चेयरमैन जनाब फिरोज़ आलम नदवी ने कहा—
“ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ और एहतराम-ए-इंसानियत ही किसी मुआशरे की असल बुनियाद है। मुस्तहिक़ीन की मदद करना ही सच्ची इंसानियत है।”
उन्होंने यह अशआर भी पेश किए—
करो मेहरबानी तुम अहल-ए-ज़मीं पर,
ख़ुदा मेहरबां होगा अर्श-ए-बरीं पर।
आख़िर में चेयरमैन साहब ने इस कार-ए-ख़ैर के सिलसिले में लोगों से दुआओं में याद रखने की अपील की और इस नेक अमल पर अल्लाह तआला का शुक्र अदा किया।



