बिहार एवं झारखंड

जवाहर नवोदय विद्यालय की शिक्षा प्रणाली भारतीय स्कूली शिक्षा में सदैव विशिष्ट पायदान पर खड़ी रही

जवाहर नवोदय विद्यालय की शिक्षा प्रणाली भारतीय स्कूली शिक्षा में सदैव विशिष्ट पायदान पर खड़ी रही

जवाहर नवोदय विद्यालय की शिक्षा प्रणाली भारतीय स्कूली शिक्षा में सदैव विशिष्ट पायदान पर खड़ी रही

हर्षोल्लास के माहौल में संपन्न हुआ नवोदय विद्यालय में एल्युमनाई मीट का आयोजन

नवोदय विद्यालय से पढ़कर विभिन्न क्षेत्रों में परचम लहराने वाले धुरंधरों की उपस्थिति में जवाहर नवोदय विद्यालय रांटी मधुबनी प्रांगण में एकबार फिर से हर्षोल्लास का माहौल दिखा। नवोदय विद्यालय में आयोजित वार्षिक एल्युमनाई मीट नास्टैल्जिया 2025 समारोह का आयोजन नृत्य संगीत एवं नवोदय के पुरानी यादों को तरोताजा कर संपन्न हुआ। एल्युमनाई मीट के इस आयोजन का उदघाटन मधुबनी के ए डीएम मुकेश रंजन ने उपस्थित प्राचार्य डॉ प्रमोद कुमार , ए ए एम एन ए के राष्ट्रीय सचिव तेजनारायण, भूतपूर्व छात्र सह जी एस टी में उप आयुक्त सच्चिदानंद विश्वास, डीएमसीएच के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ रामाशीष यादव, मेडिसिन के डॉ विनय पाठक, बैंक प्रबंधक प्रवीण साहू, प्रोफेसर सुभद्रा कुमारी की उपस्थिति में द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान एल्युमनाई ने सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को उपहार से भी सम्मानित करते हुए प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को पुरस्कृत भी किया।
मौके पर संबोधित करते हुए एडीएम मुकेश रंजन ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय की शिक्षा प्रणाली भारतीय स्कूली शिक्षा में सदैव विशिष्ट पायदान पर खड़ी रही है। क्योंकि इनकी संरचना में शासन, चयन, शिक्षण विधियों और संसाधनों का ऐसा सामंजस्य है जिससे ग्रामीण और वंचित छात्रों के लिए उच्च शैक्षणिक परिणाम और सामाजिक उन्नति सुनिश्चित होती है। राष्ट्रीय सचिव तेजनारायण ने कहा कि नवोदय की शिक्षा प्रणाली हमें दूसरों से अलग बनाती हैं। योग्यता के आधार पर प्रवेश प्रणाली छात्रों में उपलब्धि और गौरव की अमूल्य भावना पैदा करती है, व्यापक सुविधाएं छात्रों, विशेष रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होती हैं, और अंत में उत्कृष्ट और समर्पित शिक्षकों के रूप में उपलब्ध मानवीय और भौतिक सहायता इन संस्थानों को अद्वितीय बनाती है। वहीं प्राचार्य डॉ प्रमोद ने कहा कि छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नवोदय से निकलकर देश के विभिन्न राज्यों में डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, आईएएस और आईपीएस बनकर देश की सेवा कर रहे हैं। ऐसे में इस गौरवशाली इतिहास को ओर भी बड़े आकार देने का कार्य हम नवोदय परिवार सदैव करते रहेंगे।
इस दौरान वरीय शिक्षक फैयाज अहमद, एम के पांडे, एस के पांडे, प्रशांत कुमार, अनिल कुमार, एस के झा एवं कृष्णकांत भी उपस्थित रहें।

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