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हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप और कंटेंट क्रिएटर लैब्स का ऐलान:प्रो.(डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान

हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप और कंटेंट क्रिएटर लैब्स का ऐलान:प्रो.(डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान

बजट 2026-27 में शिक्षा को बड़ी प्राथमिकता

हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप और कंटेंट क्रिएटर लैब्स का ऐलान:प्रो.(डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान

सहरसा।

केंद्रीय बजट 2026-27 को शिक्षा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कुशल वित्तीय प्रबंधन का सशक्त प्रमाण है। यह बजट ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मजबूत नींव तैयार करता है।
उन्होंने शिक्षा के लिए बढ़े बजट आवंटन पर वित्त मंत्री को बधाई देते हुए आभार प्रकट किया।
शिक्षा बजट में 8.27% की बढ़ोतरी, सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट
प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में शिक्षा के लिए 1,28,650 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे 2026-27 में बढ़ाकर 1,39,289 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
यह लगभग 8.27 प्रतिशत की वृद्धि है, जो यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है।
सेक्टरल वाइज एनालिसिस में शिक्षा बजट को छठा प्रमुख स्थान मिला है।
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल: महिला शिक्षा को मिलेगा बल
उन्होंने कहा कि भारत में लड़कियों की एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा में भागीदारी विश्व में अग्रणी है। इस उपलब्धि को और सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के सहयोग से देश के प्रत्येक जिले में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल स्थापित करने का निर्णय लिया है।
यह व्यवस्था वीजीएफ/कैपिटल सपोर्ट के माध्यम से की जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा के एसटीईएम संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं को लैब व शोध कार्य से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों से राहत मिलेगी। यह कदम महिला सशक्तीकरण और छात्राओं की सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप: शिक्षा, रिसर्च और रोजगार का संगम
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बजट में चैलेंज रूट के तहत राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा का प्रावधान रखा गया है।
इसी क्रम में प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है।
इन टाउनशिप्स में—
कई विश्वविद्यालय व कॉलेज
शोध संस्थान
स्किल सेंटर
आवासीय परिसर
रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप का समग्र इकोसिस्टम
विकसित किया जाएगा, जिससे शिक्षा सीधे इंडस्ट्री और रोजगार से जुड़ेगी।
स्कूल–कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स, 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत
केंद्रीय बजट 2026-27 में शिक्षा को भविष्य के अनुरूप ढालने के लिए बड़ा ऐलान किया गया है।
देशभर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी।
सरकार के अनुमान के मुताबिक 2030 तक एवीजीसी (AVGC) सेक्टर में 20 लाख से अधिक प्रोफेशनल्स की आवश्यकता होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए कंटेंट क्रिएटर्स के लिए आधुनिक सेटअप तैयार किए जाएंगे।
मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, पूर्वी भारत में NID
बजट में यह भी घोषणा की गई है कि मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज की स्थापना की जाएगी
पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) खोला जाएगा
कुल मिलाकर बजट 2026-27 शिक्षा को रोजगारोन्मुख, तकनीक-सक्षम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने की ठोस रूपरेखा पेश करता है।

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