
वित्त नियंत्रक, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर, शंकर झा ने कहा कि यह बजट अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक
वित्त नियंत्रक, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर, शंकर झा ने कहा कि यह बजट अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक
शंकर झा ने केंद्रीय बजट की सराहना की

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए वित्त नियंत्रक, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर, शंकर झा ने कहा कि यह बजट अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक सभी उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एक प्रभावी साधन सिद्ध होगा तथा इसमें वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान रखा गया है।
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वित्त नियंत्रक ने कहा कि यह बजट तीन कर्तव्यों — विकास, मानव पूंजी और समावेशन — की पूर्ति को लक्ष्य बनाकर तैयार किया गया है। इसमें वित्तीय अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया है। यह बजट उत्पादकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज करने और उसे सतत बनाए रखने का लक्ष्य रखता है। इसके माध्यम से लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनकी क्षमताओं का निर्माण कर उन्हें भारत की समृद्धि के मार्ग में सशक्त भागीदार बनाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि बजट सरकार के लिए वित्तीय प्रबंधन के मार्गदर्शन का कार्य करता है, जिससे कुल प्राप्तियों और व्यय के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके। बजट के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करती है कि व्यय निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप हो, जैसा कि विधायिका द्वारा पारित विनियोग विधेयक में स्पष्ट किया गया है।
शंकर झा ने बताया कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर लगभग 7 प्रतिशत के आसपास मजबूत बनी रहेगी। महंगाई नियंत्रण में रहेगी, विनिर्माण गतिविधियों में तेजी आएगी और अनुसंधान एवं विकास तथा तकनीकी हस्तक्षेपों के आधार पर निर्यात में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष करों की दरें पिछले वर्ष के समान ही रखी हैं, लेकिन आयकर अधिनियम एवं सीमा शुल्क कानून में किए गए संशोधन और सरलीकरण, जो अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे, के कारण प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर संग्रह नए उच्च स्तर पर पहुंचेगा, जिससे देश की राजस्व प्राप्ति में वृद्धि होगी।
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (EODB) के चलते आयात-निर्यात गतिविधियों में तेजी आएगी, विनिर्माण क्षेत्र को गति मिलेगी और इससे रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे।



