
बढ़ते कैंसर मामलों के बीच स्कूल–कॉलेजों में जागरूकता अभियान, छात्र–छात्राओं को बताए लक्षण और बचाव के उपाय
बढ़ते कैंसर मामलों के बीच स्कूल–कॉलेजों में जागरूकता अभियान, छात्र–छात्राओं को बताए लक्षण और बचाव के उपाय
बढ़ते कैंसर मामलों के बीच स्कूल–कॉलेजों में जागरूकता अभियान, छात्र–छात्राओं को बताए लक्षण और बचाव के उपाय
पूर्णिया l

बढ़ते कैंसर मामलों के बीच पूर्णिया की महिला चिकित्सकों ने जागरूकता की कमान संभालते हुए समाज को सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने का संकल्प लिया है। पूर्णिया ऑब्स एंड गायनी सोसायटी के तत्वावधान में मनाए जा रहे कैंसर जागरूकता सप्ताह के तहत दूसरे दिन शहर के कई शिक्षण संस्थानों में विशेष अभियान चलाया गया।
हाट थाना स्थित सर सैयद अकादमी, पूर्णिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और रामबाग हाई स्कूल में पहुंची चिकित्सकों की टीम ने छात्र–छात्राओं को कैंसर के कारण, शुरुआती लक्षण और बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। डॉक्टरों ने कहा कि सही समय पर पहचान और उपचार से इस गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण संभव है।
सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. विभा झा ने बताया कि ओवेरियन कैंसर के शुरुआती संकेत अक्सर सामान्य लगते हैं, जिससे लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने आगाह किया कि यदि पेल्विक दर्द, बार-बार पेशाब आना, भूख में कमी, अत्यधिक थकान या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
वहीं, सचिव डॉ. अनुराधा सिन्हा ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील करते हुए कहा कि जागरूकता और नियमित जांच ही कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर खतरा बन सकता है।
कार्यक्रम में सर्वाइकल, ब्रेस्ट और ओवेरियन कैंसर पर विशेष चर्चा की गई। चिकित्सकों ने बताया कि असामान्य वेजाइनल डिस्चार्ज या ब्लीडिंग, भारी और लंबा मासिक धर्म, पेल्विक पेन, पेशाब या मल पर नियंत्रण में दिक्कत, पैर में दर्द या असहजता जैसे लक्षण दिखाई दें तो देर न करें और चिकित्सकीय सलाह लें।
ब्रेस्ट कैंसर के संदर्भ में डॉक्टरों ने चेताया कि ब्रेस्ट या बगल में गांठ, त्वचा के टेक्सचर में बदलाव, निप्पल का अंदर मुड़ना या डिस्चार्ज, आकार में परिवर्तन, लगातार दर्द, लालिमा या सूजन जैसे संकेतों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
इस जागरूकता अभियान में डॉ. खुशबू, डॉ. पूनम प्रभा, डॉ. आशियां रुमानी, डॉ. दिव्यांजली सिंह, डॉ. बेनजीर अहमद, डॉ. नुजहत हुसैन, डॉ. फरहत मसीह, डॉ. रानी मिनहाज, डॉ. सगुफ्ता अंसारी, डॉ. सज्जाद सालिक और डॉ. फरहा दिवा फातिमा समेत कई महिला चिकित्सकों ने अलग-अलग स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को जागरूक किया।
चिकित्सकों ने एक स्वर में कहा कि “जागरूकता ही कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है”, और ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग समय रहते सतर्क हो सकें


