लखनऊ: लखनऊ विकास प्राधिकरण के बजट होटल के लिए मांगी गई निविदा में विभागीय स्तर पर जमकर अनियमितता
वित्तीय निविदा में गड़बड़ी,अंकों का फेरबदल,जांच की मांग।
लखनऊ: लखनऊ विकास प्राधिकरण के बजट होटल के लिए मांगी गई निविदा में विभागीय स्तर पर जमकर अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आया है। जिसके चलते प्राधिकरण के अभियंताओं ने अपनी चहेती फर्म को ठेका देने के लिए टेंडर के मानकों और नियमों को दरकिनार लगाते हुए मूल्यांकन में धांधली कर अपनी चहेती फर्म को कार्य आवंटित कर दिया। गौरतलब है कि 27 नवंबर को इस टेंडर का तकनीकि प्रस्तुतिकरण हुआ था, जिसमे अंको को उसी समय देना चाहिए था। लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों ने इसमें छेड़छाड़ करने के उद्देश्य से वित्तीय परीक्षण के बाद अंकों का आकंलन 20 दिनों से अधिक समय बाद भी गोपनीय रखा। दरअसल,इस गड़बड़ झाले के पीछे प्राधिकरण के अधिकारियों की मंशा अपनी चहेती फर्म को ठेका देना था। जिसके चलते चहेती फर्म को टेंडर देने के लिए प्राधिकरण द्वारा तकनीकी परीक्षण होने के पश्चात अंको को गोपनीय रखा गया। जबकि प्राधिकरण की वेबसाइट पर इसकी व्यवस्था है। यह आरोप लगाते हुए आरएण्डसी इंफ्रा इंजीनियर्स एण्ड संकल्प ग्रुप के मालिक का कहना है कि और तो और गत 17 दिसंबर 2024 को वित्तीय निविदा में हमारी निविदा दूसरी फर्म से रुपये 29,00,000.00 प्रतिवर्ष अधिक है। साथ ही हमारे द्वारा (वीजीएफ) की मद में भी रुपये 3 करोड़ कम मांगा गया है। बावजूद इसके प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा तकनीकी अंकों को न प्रदर्शित करते हुए दूसरी फर्म को अनावश्यक रूप से फायदा पहुंचाते हुए, वित्तिय निविदा के अनुसार अंकों में फेरबदल किया गया है। यहां यह भी कहना उचित होगा कि दूसरी फर्म गोरखपुर से है तथा उनके वहां के एमएलसी सीपी चंद से संपर्क के आधार पर कार्यवाही की गई है। इससे दुखी होकर संकल्प ग्रुप के मालिक ने उत्तर प्रदेश सरकार व समस्त अधीनस्थ विभागों से यह निवेदन किया है कि वह अपने-अपने कार्यालय के बाहर एक नोटिस लगा दें, किसी भी फर्म के आंकलन का मापदंड उसका गोरखपुर से सम्बंधित होगा, इससे कम से कम अन्य निविदादाता अनावश्यक रूप से परेशान तो न होगा। संकल्प ग्रुप का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा तकनीकी अंकों को वेबसाइट पर न प्रदर्शित करते हुए मनमाने तरीके से अपनी चहेती फर्मो को कार्य आवंटित किया गया है जैसे अभी कंसल्टेंट फर्म ईवाई को कार्यभार दिया गया है। साथ ही कई निविदाओं को खोला ही नहीं गया है। उदाहरण के लिए चौक स्थित पार्किंग की निविदा को ही देख लिया जाए, जिसमें आज भी अवैध रूप से वसूली करने के लिए वही फर्म लगी है, जिसका टेंडर आवंटन दिसंबर 2023 में समाप्त हो गया था और आज तक टेंडर प्रक्रिया को पुन: पूर्ण नहीं किया जा सका है। फिलहाल बजट होटल की निविदा को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश पारित करें एवं इसे शासन स्तर से कराने का कष्ट करें। इस संबंध में प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल स्वीच आफ होने के कारण उनसे बात नहीं की जा सकी।


