वीआईपी नेता संजीव मिश्रा का संघर्ष रंग लाया, वीरपुर में रजिस्ट्री ऑफिस खोलने की मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री की स्वीकृति को जनहित में बड़ी जीत मानते हुए संघर्ष को निरंतर जारी रखने का लिया संकल्प
वीआईपी नेता संजीव मिश्रा का संघर्ष रंग लाया, वीरपुर में रजिस्ट्री ऑफिस खोलने की मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री की स्वीकृति को जनहित में बड़ी जीत मानते हुए संघर्ष को निरंतर जारी रखने का लिया संकल्प
छातापुर।
वीआईपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पैनोरमा ग्रुप के सीएमडी संजीव मिश्रा ने अपनी जनहितैषी लड़ाई को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार और शासन में बैठे लोगों ने हमेशा आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया, लेकिन उनकी और उनकी टीम की मेहनत रंग लाई है। वीरपुर में लंबे समय से चल रही रजिस्ट्री ऑफिस की मांग को लेकर किए गए संघर्ष के बाद, मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान इस कार्यालय को खोलने की स्वीकृति दे दी है। मिश्रा ने इसे वीरपुर और आसपास की जनता की पहली बड़ी जीत करार दिया।
जनता के मुद्दों के समाधान के लिए संजीव मिश्रा का दृढ़ संकल्प
संजीव मिश्रा ने कहा कि जब सरकार और प्रशासन ने जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तब हमने इन मुद्दों को उठाया और संघर्ष शुरू किया। अब मुख्यमंत्री ने वीरपुर में रजिस्ट्री ऑफिस खोलने की मंजूरी दी है, जिससे स्थानीय लोगों को भूमि संबंधी कार्यों में राहत मिलेगी। उन्होंने इस फैसले को न केवल वीरपुर की जनता की जीत बताया, बल्कि इसे उनके आंदोलन की सफलता का प्रतीक भी मानते हुए कहा, “यह हमारी पहली जीत है, लेकिन हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक हर समस्या का समाधान नहीं हो जाता।”
आगे का रास्ता: हर समस्या का समाधान होगा
मिश्रा ने साफ तौर पर कहा कि यह संघर्ष सिर्फ रजिस्ट्री ऑफिस तक सीमित नहीं रहेगा। उनका मुख्य उद्देश्य जिले और राज्य की जनता की समस्याओं को हल करना है, और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक लोगों को उनके अधिकार नहीं मिल जाते। उन्होंने जनता से अपील की कि वे उनके साथ इस संघर्ष में एकजुट रहें, ताकि हर मुद्दे का समाधान हो सके।
संजीव मिश्रा का यह बयान न केवल उनके राजनीतिक करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वीआईपी पार्टी की स्थानीय राजनीति में बढ़ती पैठ को भी दर्शाता है। मुख्यमंत्री से सीधे संवाद कर इस मुद्दे का समाधान करवाना मिश्रा की सक्रियता और जनहित में उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह घटनाक्रम उनके समर्थकों के बीच उनकी छवि को और मजबूत करेगा और आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति को भी प्रभावी बनाएगा।


