समाज के असली शिल्पकार थे जननायक कर्पूरी ठाकुर: डॉ. विजय कुमार गुप्ता

समाज के असली शिल्पकार थे जननायक कर्पूरी ठाकुर: डॉ. विजय कुमार गुप्ता
अमरदीप नारायण प्रसाद
सोशल मीडिया के इस युग में जब लोग अपने कार्यों को बढ़ा चढ़ा कर या कभी-कभी केवल फोटोबाजी कर अपने को कर्ता पुरूष बताते हैं, उस परिस्थिति में जननायक कर्पूरी ठाकुर के व्यक्तित्व पर मंथन करना समीचीन, प्रासंगिक और महत्वपूर्ण हो जाता है, जब वह अपने द्वारा किए गए कार्यों को ही श्रेय लेने से माना कर देते थे। यह गुण केवल महापुरुषों में होती है जिनका विचार हमेशा देना देना होता है बदले में कुछ लेना नहीं। बात यहां पर उनके द्वारा उच्च शिक्षा और महाविद्यालयों की स्थापना में योगदान की है। पूरे बिहार में 25 महाविद्यालयों की स्थापना में प्रत्यक्ष रूप से योगदान रहा, लेकिन अपने नाम से महाविद्यालय के नामाकरण के विरुद्ध थे। इसके बदले उनका इस बात पर जोर था कि नामाकरण उन महापुरुषों के नाम पर किया जाए जो स्वतंत्रा सेनानी थे और जिन्हें लोग और इतिहासकार भूल गये है। जब वे चरण कर्पूरी महाविद्यालय के सेक्रेटरी हुए तब उस महाविद्यालय के नाम में स्वतंत्रता सेनानी सत्यनारायण बाबू, यूसुफ मेहर अली और पंडित राम नंदन मिश्र का नाम जोड़ा गया और इस प्रकार चरण कर्पूरी महाविद्यालय का नाम सत्यनारायण मेहर अली राम नंदन चरण कर्पूरी महाविद्यालय संक्षेप में एस.एमआर.सी. के. कॉलेज हो गया। कर्पूरी जी के पहल पर शाहपुर पटोरी महाविद्यालय का नाम महान समाजवादी चिंतक आचार्य नरेंद्र देव के नाम पर हुआ। ऐसे अनेक उदाहरण भरा पड़ा है । वे काम में विश्वास रखते थे, नाम में नहीं ।
ठाकुर जी सभी धर्म का सम्मान करते थे। वह पूजा और इबादत के लिए मंदिर,मस्जिद,गिरजाघर और गुरुद्वारा नहीं जाते थे । वे कर्म में विश्वास रखते थे, उनके लिए मानव धर्म सर्वोपरि था । वे समाज में सामाजिक समरसता और सद्भाव लाने के लिए प्रतिबद्ध थे। भौतिक जीवन का आकर्षण उनको छू तक नहीं पाया । समाज के हर वर्ग से उनका अपार प्रेम और स्नेह था । कर्पूरी ठाकुर अपने जीवन में सादगी और ईमानदारी का सफल प्रयोग किया । कर्पूरी ठाकुर जी के विचार सभी के लिए अनुकरणीय हैं । वे सच्चे अर्थों में जननायक थे । गरीबों के मसीहा थे , वे समाज के असली शिल्पकार थे । उनके 101 वीं जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं।
डॉ विजय कुमार गुप्ता
असिस्टेंट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र
वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर।


