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पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा की पौत्री ने रच दिया इतिहास बलुआ की बेटी सृष्टि मिश्रा बनीं सुप्रीम कोर्ट की ऑन रिकॉर्ड वकील, संजीव मिश्रा ने दी बधाई

पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा की पौत्री ने रच दिया इतिहास

सुपौल जिले की पहली महिला अधिवक्ता बनीं सुप्रीम कोर्ट की ऑन रिकॉर्ड वकील

बलुआ की बेटी सृष्टि मिश्रा बनीं सुप्रीम कोर्ट की ऑन रिकॉर्ड वकील, संजीव मिश्रा ने दी बधाई

पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा की पौत्री ने रच दिया इतिहास

सुपौल जिले की पहली महिला अधिवक्ता बनीं सुप्रीम कोर्ट की ऑन रिकॉर्ड वकील

महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम

बलुआ बाजार (सुपौल)/डा. रूद्र किंकर।

सुपौल जिले के बलुआ बाजार की बेटी सृष्टि मिश्रा ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर सुप्रीम कोर्ट की ऑन रिकॉर्ड वकील बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। पूर्व रेल मंत्री स्व. ललित नारायण मिश्रा की पौत्री सृष्टि अब सुप्रीम कोर्ट में केंद्रीय सरकार की अधिवक्ता के तौर पर कार्य करेंगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठित ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ परीक्षा में सफलता हासिल की, जिससे वह अपने गांव और जिले की पहली सुप्रीम कोर्ट की महिला अधिवक्ता बनीं, जिन्होंने यह उपलब्धि प्राप्त की है।

सृष्टि की इस ऐतिहासिक सफलता पर विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पनोरमा ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री संजीव मिश्रा ने उन्हें अपनी हार्दिक बधाई दी और कहा, “यह सफलता न केवल सृष्टि के परिवार बल्कि पूरे सुपौल जिले के लिए गर्व का विषय है। उनका यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणास्त्रोत साबित होगा।” संजीव मिश्रा ने इस सफलता को जिले की महिलाओं के लिए एक उदाहरण बताया और कहा कि सृष्टि के संघर्ष ने साबित किया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों के समान उत्कृष्टता हासिल कर सकती हैं।

सृष्टि मिश्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरु और सीनियर एडवोकेट रुचि कोहली, हर्षवर्धन झा, युगांधरा झा के अलावा अपने माता-पिता और अधिवक्ता भाई सुमीत मिश्रा को दिया। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि मेरे लिए एक लंबी यात्रा का परिणाम है और मैं इसे अपनी कड़ी मेहनत और गुरुजनों के आशीर्वाद से संभव बना पाई हूं।”

इस उपलब्धि को लेकर क्षेत्रवासियों में उत्साह और खुशी का माहौल है। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सृष्टि की सफलता पर खुशी जाहिर की और उन्हें बधाई दी। राजनीतिक दृष्टि से यह कदम महिला सशक्तिकरण और कानून के क्षेत्र में समान अवसरों की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सृष्टि की यह सफलता न केवल उनके परिवार का गौरव बढ़ाती है, बल्कि यह पूरे जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है, जो यह दर्शाता है कि महिलाओं के लिए सभी क्षेत्र खुले हैं, बस उन्हें मौके और समर्पण की जरूरत है।

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