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उर्दू बिहार की दूसरी भाषा है इस भाषा की उन्नति के लिए सभी वर्गों को मिलजुल कर प्रयास करना होगा इस मीठी जुबान का जन्म भारत में हुआ है और यह यही पली और बढ़ी है

उर्दू बिहार की दूसरी भाषा है इस भाषा की उन्नति के लिए सभी वर्गों को मिलजुल कर प्रयास करना होगा इस मीठी जुबान का जन्म भारत में हुआ है और यह यही पली और बढ़ी है।उर्दू भारत की संयुक्त सभ्यता और संस्कृति की भाषा है। उक्त बातें अपर समाहर्ता समस्तीपुर अजय कुमार तिवारी ने उर्दू निदेशालय मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बिहार पटना के तत्वाधान में जिला उर्दू कोषांग समस्तीपुर की ओर से आयोजित एकदिवसीय फरोगे उर्दू सेमिनार एवं मुशायरा के कार्यक्रम में शहर के कर्पूरी सभागार में कहीं। उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा के उत्थान के लिए प्रचार प्रसार की आवश्यकता है इसी दृष्टिकोण से हर साल इस प्रकार का आयोजन जिला उर्दू कोषांग की ओर से किया जाता है। उप विकास आयुक्त संदीप शेखर प्रियदर्शी ने कहा कि उर्दू भाषा की मिठास सभी को अपनी ओर खींचती है प्रेमचंद पंडित बृज नारायण इकबाल ग़ालिब बिस्मिल अजीमाबादी जैसे बड़े-बड़े विद्वान उर्दू भाषा के हैं जिन्होंने अपनी कविताओं और उपन्यास से उर्दू भाषा की उन्नति में अपना योगदान दिया है। इस भाषा को सीखना चाहिए आम बोलचाल में इसका प्रयोग किया जाना चाहिए। उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सह निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी जिला उर्दू कोषांग रजनीश कुमार राय ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के द्वारा लगातार जिले में अल्पसंख्यक छात्र एवं छात्राओं के उत्थान के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं अल्पसंख्यक छात्रावास शहर के मॉडल स्कूल के पास निर्माण कराया गया है जहां अल्पसंख्यक छात्र एवं छात्राओं के लिए निशुल्क आवास एवं खाने पीने की व्यवस्था है साथ ही वाईफाई, जनरेटर और नई तकनीकी सुविधाएं भी दी जाती हैं। श्री रजनीश कुमार राय ने आगे कहा कि अल्पसंख्यक छात्रावास में रहने वाले छात्र एवं छात्राओं को ऑनलाइन हज भवन से कोचिंग भी कराई जाती है

इसी प्रकार से और भी कई योजनाएं बच्चों के लिए चलाई जा रही है इच्छुक अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र एवं छात्राएं ई कल्याण पोर्टल के द्वारा अपना पंजीयन कर सकते हैं और इस योजना का निशुल्क लाभ ले सकते हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी महमूद आलम जिला कला एवं सांस्कृतिक पदाधिकारी जूही कुमारी ने भी उर्दू के उत्थान के बारे में अपना विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्कूली छात्र एवं छात्राओं ने भी विभिन्न विषयों पर अपना विचार रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण रजनीश कुमार राय एवं संचालन उर्दू अनुवादक आलम सिद्दीकी ने किया। इस अवसर पर प्रभारी पदाधिकारी जिला उर्दू भाषा कोषांग मोहम्मद खालिद अनवर जिलानी ,शाजिया तमकीन, रहमत अली, मोहम्मद असदुल्लाह, मोहम्मद इरफान, परवेज हक , सादिया तबस्सुम मोहम्मद तारिकूज्जमा, डॉ वसिया इरफान, मोहम्मद सनाउल्लाह ,मोहम्मद मंजूर आलम ,मोहम्मद तौहीद आलम, मनीष कुमार इत्यादि मौजूद थे। कार्यक्रम के दूसरे सेशन में डॉक्टर बिस्मिल अरिफ़ी की अध्यक्षता एवं मुकीम दानिश के संचालन में मुशायरा का आयोजन किया गया। जिसमें काबिस जमाली,आफताब समस्तीपुरी,आलम सिद्दीकी, प्रोफ़ेसर मोहम्मद सफवान सफवी, आसिफ वकील, रंजन लता, प्रवीण कुमार चुन्नू, अय्यूब अंसार,असरार दानिश, मुकीम दानिश और डॉक्टर बिस्मिल आरिफ ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। जिला प्रभारी पदाधिकारी उर्दू कोषांग मोहम्मद खालिद अनवर जिलानी के धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम समाप्त होने की घोषणा की गई। इस अवसर पर ज़िला उर्दू नामा नाम की पुस्तक का विमोचन किया गया |

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