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कैसी प्रगति?

आज कैसी प्रगति पाई है?
लुगाईयों के सर से पल्लू गिर आई है
पहन रही बच्चियां टी – शर्ट – जीन्स
मोबाइल बन गई है उनकी मीत। १।

आज कैसी प्रगति पाई है?
ऑनलाइन रेस्टोरेंट की बन आई है
घर के साग – सब्जी पसंद नहीं आ रहे
मैगी – नूडल्स – पास्ता की बन आई है। २।

आज कैसी प्रगति पाई है?
बन रहे रोज रोड 18 किलोमीटर
धरती की साँस थमने को आई है
बढ़ते तापक्रम से साँस फूलने को आई है। ३।

आज कैसी प्रगति पाई है?
क्षितिज – जल – पावक –
गगन – समीर से बनी शरीर की
उम्र कम होने को आई है। ४।

आज कैसी प्रगति पाई है?
इज़्ज़त की फिक्र न रही
बेशर्मी भी शरमाई है
ओट से हसीना भी मुस्कुराई है। ५।

आज कैसी प्रगति पाई है?
लोंगो की जान पर बन आई है
बच्चों के आंख हो रहे कमजोर
कान पर भी ठेपी लग गई है। ६।आज कैसी प्रगति पाई है?
औसत उम्र 120 की जगह
66 में बदल आई है
लोंगो की शुगर क्या बी. पी.
भी बढ़ आई है। ७।

आज कैसी प्रगति पाई है?
वृद्ध आश्रमों की संख्या बढ़ी है
अनाथालय नाथ के भरोसे चल पाई है
टूट रहे पति – पत्नी के रिश्ते। ८।
-अजीत सिन्हा रचित
६२०२०८९३८५

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