धौड़ाड़ गांव में श्री श्री सत चंडी महायज्ञ का पांचवां दिन भक्ति भाव से संपन्न, साध्वी राधिका किशोरी जी के प्रवचनों ने भरा श्रद्धालुओं के दिल में भक्ति का रंग

रोहतास से पंकज कुमार
धौड़ाड़ गांव में श्री श्री सत चंडी महायज्ञ का पांचवां दिन भक्ति भाव से संपन्न, साध्वी राधिका किशोरी जी के प्रवचनों ने भरा श्रद्धालुओं के दिल में भक्ति का रंग
सासाराम प्रखंड के अंतर्गत धौड़ाड़ ग्राम में आयोजित श्री श्री सत चंडी महायज्ञ का पांचवां दिन रविवार को पूरी भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में साध्वी राधिका किशोरी जी के मधुर वाणी से ओतप्रोत आध्यात्मिक प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और श्रद्धा की नई ऊर्जा का संचार कर दिया। साध्वी जी ने अपने कथा वाचन में भगवान की महिमा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
अपने प्रवचन में साध्वी राधिका किशोरी जी ने सरल और सहज भाषा में जीवन में धर्म और आस्था के महत्व को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकतावादी युग में इंसान ईश्वर से दिन-ब-दिन दूर होता जा रहा है। मनुष्य अपने सुख-सुविधाओं में उलझ कर आत्मिक शांति की तलाश में भटक रहा है। ऐसे में इस प्रकार के धार्मिक आयोजन न केवल समाज को सच्चे मार्ग की ओर अग्रसर करते हैं, बल्कि श्रद्धालुओं के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करते हैं।
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान यज्ञ मंडप में मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु साध्वी राधिका किशोरी जी की भक्ति भाव से परिपूर्ण कथा में इस कदर तल्लीन दिखे कि मानो वे सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर केवल ईश्वर भक्ति में लीन हो गए हों। कथा के प्रत्येक प्रसंग पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों और जयघोष के साथ साध्वी जी के प्रवचनों का स्वागत किया।
यज्ञ आयोजन समिति के सदस्य एवं यज्ञ के पुजारी मुंद्रिका सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि धौड़ाड़ गांव के इस महायज्ञ में न केवल स्थानीय ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, बल्कि आस-पास के गांवों — विशेष रूप से दूधराज सहित अन्य दूरस्थ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु साध्वी जी के अमृतमयी प्रवचनों को सुनने के लिए प्रतिदिन जुट रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि यज्ञ स्थल पर भक्तों के लिए व्यापक और सुनियोजित व्यवस्था की गई है, ताकि किसी श्रद्धालु को यज्ञ दर्शन और कथा श्रवण में किसी प्रकार की असुविधा न हो। समिति के सदस्य लगातार श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए हैं। सुरक्षा और व्यवस्था के साथ-साथ भंडारे की भी उत्तम व्यवस्था की गई है, जिसमें सभी आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया जा रहा है।
इस महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ यह दर्शा रही है कि धर्म के प्रति आस्था और उत्साह आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। आने वाले दिनों में भी यज्ञ स्थल पर और अधिक संख्या में भक्तों के उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। आयोजकों के अनुसार, कथा की अंतिम दिन तक भक्ति और श्रद्धा की यह धारा निरंतर प्रवाहित होती रहेगी।
धौड़ाड़ ग्राम में हो रहे इस सत चंडी महायज्ञ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि आध्यात्मिक आयोजनों का समाज में कितना बड़ा महत्व है। यह न केवल धार्मिक चेतना का संचार करते हैं बल्कि सामूहिक सौहार्द और आपसी मेलजोल को भी प्रगाढ़ बनाते हैं।



