अररिया में समीकरण साधने की तैयारी: जदयू प्रदेश अध्यक्ष से मिले एनडीए नेता परवेज आलम

49 अररिया विधानसभा को लेकर NDA गंभीर, कुल्हैया वोटबैंक के मद्देनज़र चर्चाओं का दौर तेज
अररिया में समीकरण साधने की तैयारी: जदयू प्रदेश अध्यक्ष से मिले एनडीए नेता परवेज आलम
49 अररिया विधानसभा को लेकर NDA गंभीर, कुल्हैया वोटबैंक के मद्देनज़र चर्चाओं का दौर तेज
पटना/अररिया ।
बिहार में आगामी चुनावों को लेकर हलचलें तेज हैं और राजनीतिक दल अब सिर्फ चेहरों की नहीं, ज़मीनी समीकरण की राजनीति पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
इसी क्रम में अररिया के वरीय सामाजिक कार्यकर्ता एवं कद्दावर एनडीए नेता जनाब परवेज आलम ने जदयू के माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा से उनके पटना स्थित निवास पर मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान अररिया विधानसभा क्षेत्र (49) से जुड़े सामाजिक, राजनीतिक और जातीय समीकरणों पर गहन चर्चा हुई। इस चर्चा में सीतामढ़ी के पूर्व सांसद श्री रामकुमार शर्मा भी मौजूद रहे, जिन्होंने परवेज आलम के व्यक्तित्व और योगदान की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को दी।
कुल्हैया वोटबैंक बना रणनीति का केंद्र
गौरतलब है कि अररिया विधानसभा सीट एनडीए पिछले चुनावों में लगातार हारता रहा है, जबकि यहां का सामाजिक समीकरण खासा मजबूत और निर्णायक है।
यहाँ कुल्हैया बिरादरी का प्रभावी वोटबैंक है, और वर्तमान विधायक कांग्रेस के आबिदुर रहमान भी इसी बिरादरी से आते हैं।
ऐसे में एनडीए को कुल्हैया समाज से एक मजबूत, स्वीकार्य और ज़मीनी नेता की आवश्यकता है — और चर्चा है कि जनाब परवेज आलम इस कमी को भर सकते हैं।
परवेज आलम: परिचय की नहीं, काम की पहचान
आर.पी. कंस्ट्रक्शन के मालिक, सादा जीवन, उच्च विचार के प्रतीक जनाब परवेज आलम को अररिया के लोग सिर्फ एक व्यवसायी नहीं, एक सेवाभावी नेता के रूप में जानते हैं।
चाहे कोरोना का दौर हो या बाढ़ की आपदा, परवेज आलम हमेशा लोगों के साथ, लोगों के बीच रहे। उनकी मिलनसार छवि, साफ-सुथरी सामाजिक पहचान और अल्पसंख्यक समुदाय में मजबूत पकड़ ने उन्हें एक स्वाभाविक राजनीतिक विकल्प बना दिया है।
राजनीतिक संकेत साफ हैं
माना जा रहा है कि NDA इस बार अररिया में कोई प्रयोग नहीं, ज़मीन से जुड़ा चेहरा देगा — और जनाब परवेज आलम उसी रणनीति की एक अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष से हुई यह मुलाकात अब सिर्फ शिष्टाचार नहीं मानी जा रही, बल्कि NDA की रणनीति की एक संभावित दिशा के रूप में देखी जा रही है।


