अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने हत्या – प्रताड़ना – जमीन कब्जा संबंधित प्रकरणों पर बिहार और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्रियों के नाम लिखी चिट्ठी
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने हत्या – प्रताड़ना – जमीन कब्जा संबंधित प्रकरणों पर बिहार और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्रियों के नाम लिखी चिट्ठी

नई दिल्ली – इन दिनों बिहार और उत्तरप्रदेश में कायस्थों पर जुल्म – अत्याचार – हत्या – प्रताड़ना संबंधित घटनाओं की बाढ़ आ गई है जिससे आहत और मर्माहत होकर पूर्व आई. आर. एस. प्रधान आयुक्त भारत सरकार डॉ अनूप श्रीवास्तव राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासभा और वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनिल श्रीवास्तव ने हाल-फिलहाल तीन मामलों पर अपनी रोष और क्रोध जाहिर कर और भुक्तभोगीयों के आग्रह पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम चिट्ठी लिख हत्याकांड के अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी, दोषियों को मृत्युदंड की सजा, फास्ट ट्रैक कोर्ट से सुनवाई और परिवार को सुरक्षा और मुवावजे हेतु निवेदन किया है और ऐसी जानकारी अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजीत सिन्हा जी के माध्यम से प्राप्त हुई है। वहीं जमीन कब्जा दिलाने, कोर्ट के आदेश की हनन, प्रार्थी के जानमाल की सुरक्षा और अपराधियों पर कारवाई हेतु भी एक पत्र लिखी गई है जिसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री के साथ राज्यपाल बिहार और उत्तर प्रदेश को भी ईमेल के माध्यम से भेजी गई है तथा साथ संबंधित वरीय पदाधिकारियों को भी भी तीनों पत्रों की कॉपी ईमेल की गई है ।
विदित हो कि बिहार के ओबरा थाना के अंतर्गत पूर्व मुखिया अजीत कुमार सिन्हा हत्याकांड में अभी भी 7 नामजद एवं अज्ञात अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और परिजन जब औरंगाबाद एस. पी. को न्याय पूर्ण कारवाई हेतु पत्र देने गये तो दिवंगत की पत्नी और उनके चचेरे भाई को भला – बुरा कर एस. पी. साहब ने अपने कार्यालय के कर्मियों द्वारा अपने चैम्बर से बाहर निकाल दिया जिससे ये स्पष्ट होता है कि प्रशासन की अपराधियों से सांठ- गांठ है जो कि निंदनीय है।
बिहार की दूसरी घटना के अंतर्गत कायस्थ समाज के राज कुमार वर्मा जी की जमीन को आतताइयों द्वारा कब्जाने की प्रयास हो रही और कोर्ट से डिग्री मिलने के बाद भी जमीन की ना ही म्यूटेशन की जा रही और ना प्रार्थी को कब्जा ही दिलाया जा रहा है, दलित – मुस्लिम की गठजोड़ ने एक अगड़े समाज के व्यक्ति और उनके परिवार को केवल ना जान से मारने की घात लगाए बैठे हैं अपितु उनकी जमीन को कब्जा करना चाहते हैं।
इसी तरह उत्तरप्रदेश में एक कायस्थ बेटी की हत्या सम्पत्ति विवाद में अपराधियों द्वारा कर दी गई जिस पर संज्ञान लेते हुए अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री आदरणीय योगीनाथ के नाम भी पत्र लिखा है जिस पर यथोचित कारवाई के अंतर्गत दो पुलिस कर्मियों को ना केवल सेवामुक्त किया गया अपितु इस चर्चित हत्याकांड में सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है जिसकी जानकारी दिवंगत सिद्धि श्रीवास्तव उर्फ परी के मामा हरिनाम जी से प्राप्त हुई है।
कायस्थों पर हुये जुल्म – अत्याचार – हत्या और प्रताड़ना प्रकरण पर रोष जाहिर करते हुये राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि सभ्य समाज में हिंसा का स्थान नहीं होता है लेकिन देखा जा रहा है कि जैसे – जैसे कायस्थ जागृत और एकताबद्ध हो रहे हैं वैसे – वैसे उन पर हमलों में तेजी आती जा रही है जो कि निंदनीय, दण्डनीय है और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा समाज के लोंगो को एकीकृत होकर ऐसी परिस्थितियों से मुकाबला के लिए तैयार रहने का आह्वान करती है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजीत सिन्हा ने कहा कि आज समाज को प्रत्येक परिस्तिथियों का मुकाबला मिलकर करने की घड़ी आ गई है इसलिए सभी कायस्थ के – कार्ड अभियान के तहत अपनी कार्ड बनाकर सामुहिक शक्ति का परिचय दें क्योंकि समुह में ही ताकत होती है और अपने – अपने दिमाग में ये फ़ीड कर लें कि मिलकर लेंगे, लड़कर लेंगे लेकिन न्याय हरहाल में लेकर रहेंगे ।


