केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक आयोजित।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक आयोजित।

अशोक पासवान ब्यूरो आपकी आवाज।
कारगिल विजय सभा भवन में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंत्री वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार सह बेगूसराय सांसद गिरीराज सिंह द्वारा की गई।
बैठक में खेल मंत्री बिहार-सह- बछवाड़ा विधायक सुरेन्द्र मेहता, जिला पदाधिकारी बेगूसराय, तुषार सिंगला, पुलिस अधीक्षक बेगूसराय, श्री मनीष, विधान पार्षद, सर्वेश कुमार, नगर विधायक कुंदन कुमार, मटिहानी विधायक, राजकुमार सिंह, बखरी विधायक सुरेन्द्र पासवान, तेघड़ा विधायक रामरतन सिंह, चेरियाबरियारपुर विधायक राजवंशी महतो, जिला परिषद अध्यक्ष सुरेन्द्र पासवान, महापौर नगर निगम श्रीमती पिंकी देवी, सभी प्रखंडों के प्रखंड प्रमुख, उप विकास आयुक्त बेगूसराय, नगर आयुक्त नगर निगम, सिविल सर्जन, बेगूसराय, जिला परिवहन पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में मुख्य रूप से आगामी बाढ़ की तैयारी, आपूर्ति विभाग, शिक्षा विभाग का मुद्दा छाया रहा। सर्वप्रथम पूर्व के बैठक में सदस्यों द्वारा उठाये गये पूर्व की बैठक में उठाये गये मामलों का अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
माननीय मंत्री द्वारा सदस्यों द्वारा उठाये गये जाँच के मामले में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करने तथा जाँच प्रतिवेदन में जनप्रतिनिधियों से भी हस्ताक्षर कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही दिशा की बैठक में उठाये गये मामलों का अगले 15 दिनों के अंदर निष्पादन हेतु अग्रेतर कार्रवाई कराने हेतु निर्देशित किया गया।
माननीय मंत्री द्वारा आपदा की तैयारी की समीक्षा की गई तथा संभावित बाढ़ को लेकर कॉमन कीचर, पशुओं के लिए चारा, काम्युनिटी सेंटर, संपूर्ति पोर्टल पर तैयारी दुरूस्त रखने का निर्देश दिया, ताकि संभावित बाढ़ के समय लोगों को कोई भी परेशानी न हो।
माननीय विधायक मटिहानी द्वारा शाम्हो प्रखंड में पूर्व के बाढ़ के समय कार्य करने वाले नाविकों के लंबित भुगतान को अविलंब कराने का अनुरोध किया गया।
माननीय सांसद द्वारा पिछली बैठक में विद्यालयों में बोरिंग कराये गये वेंडरों की भुगतान संबंधित जानकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी से प्राप्त की। जिस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि सभी वेंडरों का भुगतान हो गया है।
वहीं शिक्षा विभाग के कई मामलों का अनुपालन नहीं होने पर अध्यक्ष द्वारा नाराजगी जाहिर की गई एवं जिला पदाधिकारी को इसकी अपने स्तर से समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
नल-जल योजना को लेकर कई सदस्यों ने पानी बंद रहने की की बात कहीं, जिसपर माननीय सांसद द्वारा आमजनों को किसी भी प्रकार की शिकायतें को लेकर सरल व्यवस्था बनाने की बात कहीं गई, ताकि नल-जल योजना में होने वाली छोटी-मोटी समस्या को आम लोग सीधे संपर्क कर सकें, और उसका समाधान हो सकें।
आपूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए माननीय सांसद द्वारा पिछली बैठक में जिले में 19328 एमटी टन बैकलॉग रहने का मामला उठाया था, जिस पर आपूर्ति पदाधिकारी से अनुमंडलवार इसकी समीक्षा कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था।
अनुपालन प्रतिवेदन स्पष्ट नहीं रहने पर अध्यक्ष द्वारा काफी नाराजगी जाहिर करते हुए आपूर्ति पदाधिकारी से स्पष्ट प्रतिवेदन की मांग की। उन्होंने जिला पदाधिकारी को इसके लिए जाँच कमेटी बनाने का निर्देश दिया।
माननीय मंत्री ने कहा कि यह मामला काफी गंभीर है, आम लोगों का राशन कहां गया, इसका पूरा डाटा किस डीलर के पास कितना लंबित है, एवं क्या कार्रवाई की गई है, पूरी तरह से स्पष्ट प्रतिवेदन अगली बैठक में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
पंचायती राज विभाग की समीक्षा में कई सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री सोलर लाईट अधिकांश जगह खराब रहने के कारण बंद पड़ा हुआ है, जिस पर अध्यक्ष द्वारा टीम बनाकर सभी सोलर लाईटों की जाँच कराने का निर्देश दिया।
माननीय मंत्री ने बुडको द्वारा शहर में किये जा रहे कार्यो पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बुडको के कार्य के कारण जनप्रतिनिधियों को आम लोगों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बुडको जिस भी सड़क पर कार्य शुरू करें, पहले वहां पूर्ण करें, उसके बाद अन्य जगहों पर सड़क को तोड़ने का कार्य करें, एक साथ पूरे शहर में कार्य करने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है,
अंत में जिला पदाधिकारी ने माननीय सांसद, विधायक, विधान पार्षद सहित उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को दिशा की बैठक में उठाये गये मामलों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने उप विकास आयुक्त एवं नगर आयुक्त को सभ विभागों के साथ दिशा की बैठक में उठाए गए मामलों का लगातार समीक्षा करने का निर्देश दिया।


