
कुलपति प्रो. संजय कुमार की अध्यक्षता में मुंगेर विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल बैठक, कई अहम प्रस्तावों पर मुहर
कुलपति प्रो. संजय कुमार की अध्यक्षता में मुंगेर विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल बैठक, कई अहम प्रस्तावों पर मुहर
कुलपति प्रो. संजय कुमार की अध्यक्षता में मुंगेर विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल बैठक, कई अहम प्रस्तावों पर मुहर
कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय ने सभा का समापन करते हुए सभी सदस्यों के प्रति आभार किया व्यक्त

कक्षाओं के समय निर्धारण, पीएचडी प्रगति रिपोर्ट, मानदेय, ऑनलाइन शिक्षा और लैब–पुस्तकालय आधुनिकीकरण समेत 21 एजेंडों को मिली स्वीकृति
मुंगेर I
मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को शैक्षणिक परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय ने किया। इसमें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।
बैठक में सबसे पहले 9 सितंबर 2025 को हुई पिछली परिषद बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई। साथ ही 3 फरवरी 2026 को आयोजित नए शिक्षण कार्यक्रम एवं संबद्धता समिति तथा परीक्षा बोर्ड की बैठकों के कार्यवृत्त को भी मंजूरी दी गई।
परिषद ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के चौथे सेमेस्टर (AEC-4) में एनजीओ, सामाजिक सेवा और खेल (स्वास्थ्य एवं कल्याण) से जुड़े सामान्य पाठ्यक्रम को अपनाने पर विचार करते हुए सहमति जताई। विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों के प्रमुखों द्वारा प्रस्तुत प्रोफेसर रैंक के दस बाहरी विषय विशेषज्ञों की सूची को भी स्वीकृति देने पर सहमति बनी।
शिक्षण व्यवस्था को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से घटक और संबद्ध कॉलेजों तथा पीजी विभागों में सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक कक्षाएं संचालित करने का प्रस्ताव रखा गया। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के समय छात्रों के पंजीकरण पर भी चर्चा हुई।
एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत शोधार्थियों को कक्षाएं लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे उनके अध्यापन कौशल का विकास हो और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। साथ ही यह तय किया गया कि पीएचडी की पांचवीं और छठी प्रगति रिपोर्ट तभी स्वीकृत होगी, जब उसमें कम से कम एक शोध पत्र और दो पावर प्वाइंट प्रस्तुतियां (डीआरसी और पीजीआरसी के समक्ष) शामिल हों।
परिषद ने अंगीभूत महाविद्यालयों में अतिथि शिक्षकों द्वारा प्रतिदिन न्यूनतम दो कक्षाएं संचालित करने और अधिकतम दो कक्षाओं का ही भुगतान करने के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई। AEC/VAC/SEC पाठ्यक्रमों में अध्यापन के लिए पात्र उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया, वहीं इन पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को प्रति कक्षा ₹500 मानदेय देने पर भी विचार कर स्वीकृति प्रदान की गई।
ऑनलाइन कक्षाओं को सुगम बनाने के लिए आवश्यक उपकरण, शिक्षण सहायक सामग्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म की खरीद, विश्वविद्यालय के कॉलेजों और पीजी विभागों में प्रयोगशालाओं व पुस्तकालयों के अद्यतन, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण, तथा NEP-CBCS पाठ्यक्रमों के अनुरूप नई पुस्तकों की खरीद के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार की स्वीकृति प्राप्त होने तक शैक्षणिक सत्र 2026-28 से बंगला और संस्कृत विषय के पीजी छात्रों के केंद्र को आर.डी. एवं डी.जे. कॉलेज, मुंगेर से स्थानांतरित करने पर विचार किया गया। वहीं जिन विषयों में दस से कम छात्र नामांकित हैं, वहां संयुक्त पीजी कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में एच.एस. कॉलेज हवेली खड़गपुर के दर्शनशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री सर्वजीत पाल को पीएचडी हेतु अध्ययन अवकाश (सैबेटिकल) देने, सभी महाविद्यालयों में कैंटीन खोलने तथा रबर बोर्ड और हिमालय वन अनुसंधान संस्थान के साथ समझौते के लिए डॉ. संदीप कुमार टाटा को प्रोत्साहित करने जैसे प्रस्तावों पर भी सहमति बनी।
अंत में कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय ने सभा का समापन करते हुए सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।