
पीबीएल मेले में नन्हे वैज्ञानिकों का कमाल, ‘ध्वनि से संगीत’ और ‘मेरे सपनों का गाँव’ ने जीता दिल
पीबीएल मेले में नन्हे वैज्ञानिकों का कमाल, ‘ध्वनि से संगीत’ और ‘मेरे सपनों का गाँव’ ने जीता दिल
पीबीएल मेले में नन्हे वैज्ञानिकों का कमाल, ‘ध्वनि से संगीत’ और ‘मेरे सपनों का गाँव’ ने जीता दिल

जिला स्तरीय प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग मेले में 9 प्रखंडों के 36 प्रतिभागियों ने दिखाया हुनर, रानीगंज के दो प्रोजेक्ट्स राज्य स्तर के लिए चयनित
फारबिसगंज (अररिया)।
स्थानीय डायट परिसर में आयोजित जिला स्तरीय प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) मेले में सरकारी विद्यालयों के नन्हे वैज्ञानिकों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। गणित और विज्ञान पर आधारित नवाचारी प्रोजेक्ट्स ने न केवल निर्णायकों को प्रभावित किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी के बावजूद सरकारी स्कूलों के छात्र कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक सोच में किसी से कम नहीं हैं। मेले में जिले के 9 प्रखंडों से कुल 36 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें से उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स का चयन 26 फरवरी को पटना में होने वाले राज्य स्तरीय मेले के लिए किया गया।
गणित और विज्ञान में कड़ा मुकाबला
प्रतियोगिता के दौरान दोनों विषयों में प्रतिभागियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। गणित वर्ग में उत्क्रमित मध्य विद्यालय कामत टोल बौंसी (रानीगंज) ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि मध्य विद्यालय चण्डीपुर (पलासी) द्वितीय और मध्य विद्यालय शंकरपुर (भरगामा) तृतीय स्थान पर रहा।
विज्ञान वर्ग में मध्य विद्यालय लक्ष्मीपुर (रानीगंज) ने बाजी मारी। मध्य विद्यालय पुरन्दाहा (फारबिसगंज) को द्वितीय तथा मध्य विद्यालय पट्टीप्राण पट्ट (भरगामा) को तृतीय स्थान मिला।
‘सपनों का गाँव’ और ‘ध्वनि से संगीत’ राज्य स्तर पर
रानीगंज प्रखंड के दो प्रोजेक्ट्स ने विशेष रूप से सबका ध्यान आकर्षित किया। गणित में नीतू और काजल का “मेरे सपनों का गाँव” ग्रामीण विकास की परिकल्पना और योजनाबद्ध संरचना का उत्कृष्ट मॉडल था, वहीं विज्ञान में आयुष और अभिनंदन का “ध्वनि से संगीत” ध्वनि तरंगों के वैज्ञानिक उपयोग को रोचक तरीके से प्रस्तुत करता नजर आया। दोनों प्रोजेक्ट्स का चयन राज्य स्तरीय मेले के लिए हुआ है, जिससे जिले में उत्साह का माहौल है।
शिक्षक अमन पाण्डेय बने चर्चा का केंद्र
मेले में बच्चों के मार्गदर्शन के लिए शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। मध्य विद्यालय पुरन्दाहा के शिक्षक अमन पाण्डेय को उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि उन्हें हाल ही में गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा ‘नवाचारी शिक्षण’ के लिए जिला स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
इसके अलावा शिक्षक शैलेश कुमार श्रीवास्तव, निलेश कुमार दास, धीरज सिंह और अनूप पाठक को भी उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला।
सफल आयोजन में डायट की अहम भूमिका
मेले को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने में डायट प्राचार्य आफताब आलम, व्याख्याता सुरेंद्र सर, राकेश सर और अन्य शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षकों ने इस प्रेरणादायक आयोजन के लिए डायट प्रबंधन का आभार जताया।
निर्णायक मंडल में व्याख्याता सुरेन्द्र प्रताप सिंह, राकेश कुमार (मध्य विद्यालय अमौना, फारबिसगंज) और अनुपमा कुमारी (उत्क्रमित मध्य विद्यालय कामत टोल, बौंसी) शामिल थे। अधिकारियों ने चयनित विद्यार्थियों और उनके मेंटर शिक्षकों को बधाई देते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं।
यह मेला न केवल बच्चों की रचनात्मकता का मंच बना, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर सरकारी स्कूलों के छात्र भी नवाचार की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।
