
अररिया कॉलेज को मिला अनुभवी नेतृत्व: प्रो. रामदयाल पासवान ने संभाला प्राचार्य पदभार
अररिया कॉलेज को मिला अनुभवी नेतृत्व: प्रो. रामदयाल पासवान ने संभाला प्राचार्य पदभार
अररिया कॉलेज को मिला अनुभवी नेतृत्व: प्रो. रामदयाल पासवान ने संभाला प्राचार्य पदभार

जदयू छात्र संघ के अध्यक्ष जुनैद आलम ने पुष्पगुच्छ व माला पहनाकर दी शुभकामनाएं, बोले – नव नियुक्त प्रधानाचार्य शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन को देंगे नई दिशा
अररिया।
पूर्णिया विश्वविद्यालय क्षेत्र अंतर्गत अररिया कॉलेज, अररिया को बुधवार को नया प्राचार्य मिल गया। प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान ने विधिवत रूप से महाविद्यालय के प्रधानाचार्य पद का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर छात्र जदयू के विश्वविद्यालय अध्यक्ष जुनैद आलम ने पुष्पगुच्छ और माला भेंट कर प्रो. पासवान को शुभकामनाएं दीं और उनके नेतृत्व में कॉलेज की प्रगति की कामना की।
जुनैद आलम ने इस मौके पर कहा—
> “प्रो. रामदयाल पासवान जैसे विद्वान, अनुशासित और प्रशासनिक अनुभव से सम्पन्न शिक्षक का कॉलेज को नेतृत्व मिलना सौभाग्य की बात है। उनसे शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और छात्र-हितों के लिए नए युग की उम्मीद की जाती है।”
प्रो. रामदयाल पासवान: अनुभव का समृद्ध खजाना
5 जनवरी 2004 को पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया में अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक के रूप में अपनी सेवा शुरू करने वाले प्रो. पासवान ने अपने दो दशकों के करियर में शिक्षा और प्रशासन दोनों में उत्कृष्ट योगदान दिया है। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख जिम्मेदारियां निभाई हैं:
इग्नू कॉऑर्डिनेटर, पूर्णिया कॉलेज पूर्णिया
बैद्यनाथ कल्याण छात्रावास के अधीक्षक
क्रीड़ा विभाग के उपाध्यक्ष (कॉलेज) एवं अध्यक्ष (विश्वविद्यालय)
पूर्णिया विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष
एन.एस.एस. कार्यक्रम पदाधिकारी
अनुसूचित जाति/जनजाति सेल के लाइजनिंग पदाधिकारी
इस नियुक्ति के साथ, विश्वविद्यालय क्षेत्र में लॉटरी सिस्टम के माध्यम से हुए नए प्राचार्य नियुक्तियों में प्रो. पासवान एक वरिष्ठ और अनुभवी चेहरा बनकर उभरे हैं, जिनसे महाविद्यालय के सर्वांगीण विकास की उम्मीद की जा रही है।
बधाई देने पहुंचे कई छात्र प्रतिनिधि
इस सम्मान समारोह में यासिर ज़मीर, मोज़म आली, कन्हैया मिश्रा, विशाल कुमार सहित कई छात्र नेता एवं शिक्षाविद मौजूद रहे। सभी ने प्रो. पासवान के नेतृत्व में कॉलेज के उज्जवल भविष्य की कामना की।
प्रो. रामदयाल पासवान का नेतृत्व न सिर्फ अररिया कॉलेज के लिए, बल्कि पूरे पूर्णिया विश्वविद्यालय क्षेत्र में एक सकारात्मक परिवर्तन का संकेत माना जा रहा है। अब नज़रें उनके कार्यकाल पर होंगी – जो शिक्षा, अनुशासन और समावेशिता के नए मानक स्थापित कर सके।


