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टीपी कॉलेज मधेपुरा में 21 से 23 जुलाई तक चला प्रशिक्षण शिविर, हार्टफुलनेस संस्था के विशेषज्ञों ने दिए लीडरशिप और लाइफ स्किल्स के मंत्र

टीपी कॉलेज मधेपुरा में 21 से 23 जुलाई तक चला प्रशिक्षण शिविर, हार्टफुलनेस संस्था के विशेषज्ञों ने दिए लीडरशिप और लाइफ स्किल्स के मंत्र

माय भारत लीडरशिप बूटकैंप का सफल आयोजन: 35 युवा लीडर्स को मिले सर्टिफिकेट, नेतृत्व कौशल में मिली नई दिशा”

टीपी कॉलेज मधेपुरा में 21 से 23 जुलाई तक चला प्रशिक्षण शिविर, हार्टफुलनेस संस्था के विशेषज्ञों ने दिए लीडरशिप और लाइफ स्किल्स के मंत्र

मधेपुरा।

युवा सशक्तिकरण और नेतृत्व विकास की दिशा में एक अहम कदम के तहत ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय , मधेपुरा में 21 से 23 जुलाई 2025 तक तीन दिवसीय “माय भारत लीडरशिप बूटकैंप” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नेतृत्व, संवाद, तकनीकी दक्षता और आत्मिक जागरूकता के जरिये पूर्ण विकास की दिशा में प्रशिक्षित करना था।

प्रमुख अतिथियों के विचार

पूर्व मंत्री डॉ. रमेश ऋषिदेव ने कहा:

> “युवा ही राष्ट्र का भविष्य हैं। यदि युवा आगे बढ़ेगा, तो देश भी प्रगति करेगा। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।”

बिहार पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य स्वदेश यादव ने प्रेरित करते हुए कहा:

> “राजनीति में अच्छे और संवेदनशील लोगों की जरूरत है, ताकि विकसित भारत का सपना साकार हो।”

समाजसेवी दीपक यादव ने युवाओं से अपील की कि वे समाज में सकारात्मक नेतृत्व की भूमिका निभाएं और अपने आसपास बदलाव की शुरुआत करें।

प्रशिक्षण का स्वरूप और विषयवस्तु

कार्यक्रम का नेतृत्व माय भारत की उपनिदेशक हुस्न जहां ने किया। उन्होंने हार्टफुलनेस संस्था के अनुभवी प्रशिक्षकों — विनोद अग्रहरि, डॉ. सुनील कुमार और पुनीत तिवारी की मौजूदगी में युवाओं को निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षित किया:

लीडरशिप स्किल्स

कम्युनिकेशन और पब्लिक स्पीकिंग

टीमवर्क और पर्सनालिटी डेवेलपमेंट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल लिटरेसी

फाइनेंशियल नॉलेज और करियर गाइडेंस

हार्टफुलनेस योग और मेडिटेशन के अनुभवात्मक सत्र

अध्यक्षीय संबोधन और आयोजन की गरिमा

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. डा.कैलाश प्रसाद यादव ने की, जिन्होंने इसे कॉलेज के लिए गौरव की बात बताते हुए कहा:

> “महाविद्यालय में इस तरह के प्रशिक्षण युवाओं को न सिर्फ जागरूक बनाते हैं, बल्कि उन्हें नेतृत्व के लिए भी तैयार करते हैं।”

कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुधांशु शेखर (एनएसएस) ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि युवाओं को केवल बाह्य संसार नहीं, बल्कि आत्मिक और मानसिक स्तर पर भी सजग होना आवश्यक है।

सम्मान और प्रमाण-पत्र वितरण

कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ से सम्मान किया गया। समापन सत्र में 35 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम का संचालन माय भारत के राजा ठाकुर ने किया।

उपस्थित प्रतिभागी व प्रतिनिधि:

एनसीसी पदाधिकारी ले. गुड्डु कुमार, शोधार्थी सौरभ कुमार चौहान, नीतीश सिंह यादव, रमन कुमार, बाबू साहेब, राजेश कुमार, हर्षवर्धन आनंद, और दिव्यांशु, मौसम, सोनू, हर्ष राज, रूपेश राम, श्रवण कुमार, सुदीन कुमार, मनीष कुमार सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

यह बूटकैंप एक समग्र नेतृत्व प्रशिक्षण मंच साबित हुआ, जिसमें आत्म-निर्भर, जागरूक और जिम्मेदार युवा नेतृत्व के बीज बोए गए।

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