
सरायरंजन के बलुआही नदी में प्रशासनिक चुप्पी के बीच खुलेआम अवैध मिट्टी खनन जारी!
सरायरंजन के बलुआही नदी में प्रशासनिक चुप्पी के बीच खुलेआम अवैध मिट्टी खनन जारी!
सरायरंजन के बलुआही नदी में प्रशासनिक चुप्पी के बीच खुलेआम अवैध मिट्टी खनन जारी!

अमरदीप नारायण प्रसाद
समस्तीपुर ज़िले के सरायरंजन थाना क्षेत्र अंतर्गत सरैया पुल के पास, इंडियन गैस गोदाम के नजदीक बलुआही नदी में वर्षों से अवैध मिट्टी खनन का खेल बेधड़क जारी है। यह केवल एक अवैध व्यापार नहीं, बल्कि नदी के अस्तित्व और पर्यावरण पर सीधा हमला है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि नदी के प्राकृतिक बहाव में बाधा आ रही है, जिससे आने वाले समय में भयंकर बाढ़, जमीन कटाव और पारिस्थितिक असंतुलन की स्थिति बन सकती है।
चौंकाने वाली बात यह है कि न तो कोई अनुमति, न कोई मापदंड – फिर भी ट्रैक्टरों की आवाजाही, जेसीबी मशीनों की खुदाई और मिट्टी का व्यावसायिक दोहन दिन-रात हो रहा है। प्रशासन पूरी तरह मौन, मानो इस गोरखधंधे में उनकी भी मौन सहमति हो। यही हाल रूपौली पंचायत के देवखाल इलाके का भी है, जहां मिट्टी खनन माफिया ने सालों से डेरा जमा रखा है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यह सवाल उठता है – क्या प्रशासनिक मशीनरी का काम सिर्फ फाइलों में कार्रवाई दिखाना रह गया है? क्या अधिकारी जान-बूझकर आँख मूँदकर इस आपराधिक गतिविधि को बढ़ावा दे रहे हैं?
अब समय आ गया है कि ज़िला प्रशासन, पर्यावरण विभाग, खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस पर संयुक्त सख्त कदम उठाए। नदी की सीमा चिन्हित कर खनन पर तत्काल रोक लगे, दोषियों पर FIR दर्ज हो और मशीनों को जब्त किया जाए। साथ ही, स्थानीय लोगों को भी इस विषय पर जागरूक किया जाए और उन्हें कानून का सहारा लेकर आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया जाए।
अगर इस पर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाली पीढ़ियां प्रशासन की इस चुप्पी को ‘साजिश’ मानेंगी। इसलिए जिलाधिकारी महोदय, खनन पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को इस अवैध खनन के खिलाफ तुरंत एक्शन लेना चाहिए, वरना जनता सड़कों पर उतर कर जवाब मांगेगी।


