
धूल नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु एमआरडी–एनएसबीवाई क्षेत्र में वाटर कैनन की स्थापना
धूल नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु एमआरडी–एनएसबीवाई क्षेत्र में वाटर कैनन की स्थापना
धूल नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु एमआरडी–एनएसबीवाई क्षेत्र में वाटर कैनन की स्थापना

भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यस्थल की पर्यावरणीय स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करने तथा धूल नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत एमआरडी–एनएसबीवाई क्षेत्र में दो आधुनिक वाटर कैनन स्थापित किए गए हैं। इनमें से एक वाटर कैनन बीएफ डंप क्षेत्र में तथा दूसरा एनएसबीवाई क्षेत्र में स्थापित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि स्लैग हैंडलिंग एक धूल-प्रवण गतिविधि है, जिसके दौरान कर्मचारियों द्वारा पहले से ही डस्ट मास्क सहित अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) का नियमित उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वाटर कैनन की स्थापना एक उन्नत तकनीकी उपाय के रूप में की गई है, जिससे सेपरेटर संचालन, सामग्री प्रबंधन एवं सड़कों पर वाहनों की आवाजाही के दौरान उत्पन्न धूल को और अधिक नियंत्रित किया जा सकेगा।
वाटर कैनन के माध्यम से धूल कणों के दमन से न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि दृश्यता बेहतर होने के साथ-साथ कार्यस्थल की समग्र सुरक्षा एवं स्वच्छता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल पर्यावरण संरक्षण मानकों के अनुपालन तथा कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (शॉप्स एवं एमआरडी) श्री हरिश कुमार सचदेव ने कहा कि व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के साथ-साथ वाटर कैनन जैसे तकनिकी उपाय धूल नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाते हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा को और सुदृढ़ करते हैं।
वहीं महाप्रबंधक (ऑपरेशंस) श्री आलोक कुमार माथुर ने कहा कि यह पहल पर्यावरण प्रबंधन, परिचालन सुरक्षा तथा सतत विकास के प्रति संयंत्र प्रबंधन की सक्रिय और प्रतिबद्ध सोच को प्रतिबिंबित करती है।



