
दिल्ली एवं एनसीआर
जीवन शुरु होता है बड़े ही नसीब से। और इसकी एकमात्र वजह मां होती है।
जीवन शुरु होता है बड़े ही नसीब से। और इसकी एकमात्र वजह मां होती है।
जीवन की यात्रा

जीवन शुरु होता है बड़े ही नसीब से।
और इसकी एकमात्र वजह मां होती है।
फिर जीवन में आते हैं कई तरह के दौर।
अब उसका कारण आप कुछ भी मानो ओर।
बचपन भी बड़ा जल्दी ही खत्म हो जाता।
फिर किशोरावस्था अपने गले पड़ जाता।
इन सबके बाद हमारी जवानी पास में आने है लगती।
जो हम सबके लिए ही एक भारी चुनौती खड़ी कर जाती।
बाद में तो हमारा नसीब बस ईश्वर ही है जानता।
क्योंकि इसके बाद हमारा क्या से क्या ही हो जाता।
इस बात का यहां पे कोई भी अंदाजा नहीं लगा पाता।
तभी तो ये जीवन कभी भी हमको दोबारा नहीं मिल पाता।
स्वरचित व मौलिक
✍🏻 दीपिका मोयल ‘दीप’
जोधपुर, राजस्थान



