
हवा से बातें कर माइशा ने विदेशी धरती पर रचा इतिहास, घुड़सवारी में ब्रोंज मेडल जीत कायस्थ समाज को दिया गौरव का उपहार
हवा से बातें कर माइशा ने विदेशी धरती पर रचा इतिहास, घुड़सवारी में ब्रोंज मेडल जीत कायस्थ समाज को दिया गौरव का उपहार
“हवा से बातें कर माइशा ने विदेशी धरती पर रचा इतिहास, घुड़सवारी में ब्रोंज मेडल जीत कायस्थ समाज को दिया गौरव का उपहार”

लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया, 2 फरवरी। अपनी प्रतिभा और अटूट दृढ़ संकल्प के बल पर कायस्थ समाज की होनहार बेटी माइशा सक्सेना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। विदेशी धरती पर आयोजित घुड़सवारी प्रतियोगिता (Show Jumping) में माइशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) अपने नाम किया है।
शानदार प्रदर्शन से जीता सबका दिल
नियमित सीजन के समापन पर आयोजित इस कड़े मुकाबले में माइशा ने अपने घोड़े के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाया। उनकी फुर्ती और तकनीकी कौशल ने न केवल जजों को प्रभावित किया, बल्कि उन्हें पोडियम फिनिश तक पहुँचाया। इस जीत के साथ उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से किसी भी ऊँचाई को छुआ जा सकता है।
समाज में खुशी की लहर
माइशा की इस उपलब्धि पर कायस्थ समाज में हर्ष का माहौल है। समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों का कहना है कि माइशा ने न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे कायस्थ कुल और देश का नाम रोशन किया है। विदेश में रहकर अपनी जड़ों से जुड़े रहना और इस तरह की बड़ी उपलब्धि हासिल करना युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
”माइशा ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया है कि कायस्थ समाज की प्रतिभाएं दुनिया के हर कोने में अपनी सफलता की इबारत लिख रही हैं। उनकी यह जीत हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए मील का पत्थर साबित होगी।”
सफलता का श्रेय
माइशा ने अपनी इस जीत का श्रेय अपने माता-पिता (मयंक सक्सेना एवं नूपुर सक्सेना) के अटूट सहयोग और अपने कोच के मार्गदर्शन को दिया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से माइशा ने इस सीजन का समापन किया है, आने वाले समय में वे कई और स्वर्ण पदक अपने नाम करेंगी।
राजेश निगम
(प्रदेशाध्यक्ष, मध्यप्रदेश)
भारतीय पत्रकार सुरक्षा परिषद



