
UGC Regulations-2026 पर मिशन टू करोड़ चित्रांश अंतरराष्ट्रीय ने स्वामी आनंद स्वरूप महाराज
UGC Regulations-2026 पर मिशन टू करोड़ चित्रांश अंतरराष्ट्रीय ने स्वामी आनंद स्वरूप महाराज
UGC Regulations-2026 पर मिशन टू करोड़ चित्रांश अंतरराष्ट्रीय ने स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ( सवर्ण समाज समन्वय समिति S4) के साथ मिलकर संशोधन की मांग करती है।

नई दिल्ली। मिशन टू करोड़ चित्रांश अंतरराष्ट्रीय (M2KCI) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा प्रस्तावित UGC Regulations-2026 पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे संविधान की मूल भावना के विपरीत बताया है। संगठन की ओर से सर्वर्ण समाज समन्वय समिति (S4) द्वारा प्रस्तुत मांग-पत्र का पूर्ण समर्थन किया गया है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र कर्ण ने कहा कि मिशन टू करोड़ चित्रांश अंतरराष्ट्रीय देश में सामाजिक समरसता, संवैधानिक समानता, विचार-स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि UGC Regulations-2026 के वर्तमान स्वरूप में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव निषेध) तथा अनुच्छेद 21 (सम्मानजनक जीवन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) की मूल भावना के प्रतिकूल प्रतीत होते हैं।
मिशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिलेश्वर माधव ने बताया कि प्रस्तावित नियमों में सामान्य और असंरक्षित वर्ग के पूर्ण बहिष्करण, जाति आधारित उत्पीड़न की अस्पष्ट परिभाषा, इन्क्वायरी समितियों का असंतुलित गठन, शिकायतकर्ता की पहचान को पूर्णतः गोपनीय रखकर ‘शैडो जस्टिस सिस्टम’ जैसी स्थिति उत्पन्न करना, झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर दंडात्मक प्रावधानों का अभाव तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में वैचारिक विविधता एवं अकादमिक स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव जैसी गंभीर समस्याएं शामिल हैं।
मिशन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष/राष्ट्रीय सचिव मनोज लाल दास मनु ने कहा कि ये सभी बिंदु न केवल किसी एक वर्ग, बल्कि सम्पूर्ण लोकतांत्रिक शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने भारत सरकार एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मांग की कि इस विषय पर सभी प्रभावित वर्गों, सामाजिक संगठनों एवं संवैधानिक विशेषज्ञों से व्यापक संवाद कर न्यायसंगत, संतुलित और समावेशी नीति बनाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि मिशन टू करोड़ चित्रांश अंतरराष्ट्रीय ,सवर्ण समाज समन्वय समिति S4 द्वारा प्रस्तुत सभी प्रमुख मांगों का समर्थन करता है तथा UGC Regulations-2026 को तत्काल संशोधित अथवा वापस लेने की मांग करता है।



