गुरु पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने सिमरिया गंगा तट पर स्नान किया एवं गंगा धाम स्थित
गुरु, ईश्वर प्राप्ति करने का सबसे सरल सुगम साधन है,,,,प्रेम शरण जी महाराज।
अशोक पासवान ब्यूरो आपकी आवाज।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने सिमरिया गंगा तट पर स्नान किया एवं गंगा धाम स्थित विभिन्न मठ मंदिरों में पूजा अर्चना की एवं अपने-अपने गुरु से आशीर्वाद लिया। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने श्री मिथिला गंगा मुक्ति पीठ सिमरिया धाम में महंत श्री गुरु श्री प्रेम शरण जी महाराज का दर्शन कर पूजा अर्चना की एवं उनसे आशीर्वाद लिया इस मौके पर परम पूज्य महंत श्री प्रेम शरण जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि गुरु परमात्मा की प्राप्त करने का सबसे सरल और सुगम साधन है, हमें गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु तत्व पर विचार करने की आवश्यकता है आज की व्यस्ततम जीवन में यह बातें अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है कि व्यक्ति धन और सुख की खोज में दिन-रात दौड़ रहा है यह दौर पहले भी थी किंतु वह अब और भी गंभीर रूप लेती जा रही है ,सुख हमारी अंतिम खोज नहीं हो सकती है, । महाराजजी ने कहा कि सुख के जितने उपादान और जितनी क्रियाएं हैं विश्व के पास वह केवल थकने वाली है। वह शांति नहीं दे सकती, परमात्मा की प्राप्ति करने का जो सबसे सरल और सुगम साधन है वह गुरु है गुरु ही सर्वोपरि है गुरु के दीक्षा के बिना मानव का जीवन अधूरा है अपूर्ण है । गुरु ही शिष्य को सत्य मार्ग पर ले जाने एवं ईश्वर प्राप्ति का मार्गदर्शन कराता है।
योग्य गुरु के उस परमात्मा की प्राप्ति संभव नही है और योग्य गुरु के प्राप्त होने पर ही मन जो अत्यंत चलायमान है उसकी चंचलता समाप्त होकर के अपनी पूर्णता को प्राप्त होता है और मन की पूर्णता को प्राप्त करना ही गुरु पूर्णिमा का विशेष लक्ष है।


