गरीबों-दलितों के मसीहा, शिक्षा प्रेमी और समाजसेवा के प्रतीक रहे यदुनंदन बाबू को भावभीनी श्रद्धांजलि
वाईएनपी डिग्री कॉलेज, रानीगंज में जननायक यदुनंदन सिंह की 49वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि एवं शांति प्रार्थना सभा आयोजित
गरीबों-दलितों के मसीहा, शिक्षा प्रेमी और समाजसेवा के प्रतीक रहे यदुनंदन बाबू को भावभीनी श्रद्धांजलि
रानीगंज |

वाईएनपी डिग्री महाविद्यालय, रानीगंज परिसर में जननायक स्व. यदुनंदन सिंह की 49वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सह शांति प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार आलोक ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के समस्त कर्मियों और प्राध्यापकों द्वारा जननायक यदुनंदन सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी स्व. पवित्री देवी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
जननायक की स्मृतियों में बोले वक्ता:
प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार आलोक ने अपने संबोधन में कहा —
> “यदुनंदन बाबू समाज के वंचित, दलित, गरीब तबके की आवाज थे। वे केवल राजनेता नहीं, बल्कि एक युगद्रष्टा थे जिनका समर्पण शिक्षा, सेवा और समानता के प्रति था। उन्होंने अनेक विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग देकर उच्च शिक्षा की राह दिखाई।”
उनकी पुत्रवधू डॉ. नूतन आलोक ने भावुक शब्दों में कहा —
> “यदुनंदन बाबू हर सामाजिक विवाद को सौहार्द और संवाद से सुलझा लेते थे। वे जाति, धर्म, वर्ग से ऊपर उठकर एक सच्चे जननायक थे।”
उनकी स्मृति में स्थापित संस्थान आज भी कर रहे हैं समाजसेवा
यदुनंदन-पवित्री डिग्री महाविद्यालय
यदुनंदन-पवित्री इंटर महाविद्यालय
इन दोनों शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना स्व. यदुनंदन सिंह और पवित्री देवी के पवित्र कर्तव्य पथ और शिक्षा के प्रति समर्पण का जीवंत प्रमाण है। ये संस्थान आज भी सैकड़ों छात्रों के भविष्य निर्माण में संलग्न हैं।
स्वच्छता एवं शांति का संदेश
पुण्यतिथि के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया, जिसमें शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थीगण सक्रिय रूप से शामिल हुए। इसके पश्चात एक शांति प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया, जहां सभी ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपस्थित प्रमुख जनों में शामिल रहे:
प्रो. योगेंद्र प्रसाद यादव,प्रो. सुभाष सिंह,प्रो. सुरेश प्रसाद यादव,प्रो. बुद्धिनाथ सिंह,
प्रो. (श्रीमती) इंदु देवी,प्रो. भूषण कुमार यादव,प्रो. प्रमोद कुमार यादव,प्रो. पिंकी प्रेमा, प्रधान सहायक रीतेश राज,नितीन कुमार यादव तथा अन्य कर्मचारीगण ।
जननायक स्व. यदुनंदन सिंह न केवल एक शिक्षाविद और समाजसेवक थे, बल्कि वे एक विचारधारा थे — सत्य, समर्पण और सद्भाव की विचारधारा।
उनके सिद्धांत, कार्य और प्रेरणा आज भी रानीगंज और बिहार के शिक्षाजगत में दीप स्तंभ के रूप में चमक रहे हैं।


