राम निरीक्षण आत्मा राम महाविद्यालय,समस्तीपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई
राम निरीक्षण आत्मा राम महाविद्यालय,समस्तीपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा 11 जुलाई 2025 को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जन जागरूकता हेतु एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तेजी से बढ़ती जनसंख्या के दुष्परिणामों और परिवार नियोजन के महत्व पर समाज को जागरूक करना था।

नुक्कड़ नाटक में NSS स्वयंसेवकों ने “सोच बदलो, देश बदलो” विषय पर आधारित प्रस्तुति दी। जिसमें जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न समस्याएं जैसे – बेरोजगारी, गरीबी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ आदि को प्रभावशाली संवादों और दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया।राम निरीक्षण आत्मा राम महाविद्यालय,समस्तीपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा 11 जुलाई 2025 को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जन जागरूकता हेतु एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तेजी से बढ़ती जनसंख्या के दुष्परिणामों और परिवार नियोजन के महत्व पर समाज को जागरूक करना था।
नुक्कड़ नाटक में NSS स्वयंसेवकों ने “सोच बदलो, देश बदलो” विषय पर आधारित प्रस्तुति दी। जिसमें जनसंख्या वृद्धि से उत्पन्न समस्याएं जैसे – बेरोजगारी, गरीबी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ आदि को प्रभावशाली संवादों और दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. सुरेन्द्र प्रसाद ने कहा कि “विश्व जनसंख्या दिवस हम सभी को यह सोचने का अवसर देता है कि यदि जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को गंभीरता से नहीं अपनाया गया, तो संसाधनों का संतुलन बिगड़ जाएगा और भविष्य संकटग्रस्त होगा।इसके लिए हमारे युवा पीढ़ी को ही समाज में जागरूकता की मशाल जलाने का कार्य करना होगा।

कार्यक्रम का मुख्य वक्तव्य मनोविज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष कुमार ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, कि तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या एक गंभीर समस्या बन चुकी है।
अत्यधिक जनसंख्या के कारण बेरोजगारी, गरीबी,आवास की कमी,जल संकट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव जैसी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। संसाधन सीमित हैं और ज़रूरतें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। इस समस्या का समाधान तभी संभव है जब हम सभी मिलकर परिवार नियोजन, शिक्षा और जागरूकता पर ध्यान दें। सम्पूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना एवं आयोजन एन. एस.एस. कार्यक्रम पदाधिकरी डॉ. प्रेमलता शर्मा द्वारा किया गया। नाट्यमंचन में प्रमुख पात्र के रूप में वैभव, आयुष, अंजलि, सानिवा, वर्षा, राज किशोर, अंजलि कुमारी,सुजीत, रवि और माधव ने अभिनय किया। कार्यक्रम में जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणाम पर आधारित गीत की प्रस्तुति कुशो कुमार ने किया। कार्यक्रम का मंच संचालन एन.एस. एस. स्वयंसेवक कन्हैया कुमार गुप्ता ने सहज और प्रभावशाली शैली में किया, जिससे पूरा कार्यक्रम अनुशासित एवं सरस बना रहा। अंत में धन्यवाद ज्ञापन एन.एस.एस. स्वयंसेवक राज किशोर द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, सभी शिक्षकों, एन.एस.एस. कार्यक्रम पदाधिकरी, प्रतिभागियों, कॉलेज प्रशासन और छात्रों का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया ।
इस कार्यक्रम में प्रो.चंद्रशेखर सिंह, बरसर डॉ. राजीव रौशन ,डॉ.रत्न कृष्ण झा, डॉ. बबीना सिन्हा डॉ.स्मिता कुमारी,डॉ प्रमोद कुमार, डॉ पिंकी कुमारी,डॉ माला कुमारी डॉ अमित आनन्द, डॉ बिरेंद कुमार दत्ता, डॉ प्रणति आदि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं,और NSS स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने नाटक की प्रस्तुति और जागरूकता के प्रयास की सराहना की।


