
रोहित कुमार चौरसिया और सरोज कुमार तिवारी को चाणक्य होटल, पटना में प्रशस्ति पत्र से किया गया सम्मानित
रोहित कुमार चौरसिया और सरोज कुमार तिवारी को चाणक्य होटल, पटना में प्रशस्ति पत्र से किया गया सम्मानित
तिथि भोजन में अव्वल बना अररिया जिला, पटना में मिला राज्य स्तरीय सम्मान

रोहित कुमार चौरसिया और सरोज कुमार तिवारी को चाणक्य होटल, पटना में प्रशस्ति पत्र से किया गया सम्मानित
पटना/अररिया/डा. रूद्र किंकर वर्मा।
राज्य के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना अंतर्गत तिथि भोजन के प्रभावशाली क्रियान्वयन में अररिया जिला ने पूरे बिहार में प्रथम स्थान हासिल कर एक नई उपलब्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रोहित कुमार चौरसिया एवं जिला समन्वयक सरोज कुमार तिवारी को पटना में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षात्मक-सह-उन्मुखीकरण बैठक में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
चाणक्य होटल, पटना बना ऐतिहासिक क्षण का साक्षी
राजधानी पटना स्थित होटल चाणक्य में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में बिहार के सभी 38 जिलों से आए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समन्वयक, स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसी मंच पर अररिया को राज्य में सबसे अधिक विद्यालयों में तिथि भोजन आयोजित करने वाला जिला घोषित किया गया।
विद्यालयों और टीम को डीईओ की बधाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने जिले को यह सम्मान मिलने पर खुशी जताई और सभी प्रधानाध्यापकों, प्रखंड स्तरीय समन्वयकों तथा मध्याह्न भोजन योजना की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा:
> “गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध भोजन बच्चों को उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। यह उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है।”
निरंतर प्रयासों का मिला सम्मान: रोहित कुमार चौरसिया
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन) रोहित कुमार चौरसिया ने बताया:
> “हमने जिले में योजना के क्रियान्वयन को पारदर्शी, पोषणयुक्त और समुदाय-आधारित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। यह सम्मान हमारे हर उस स्कूल और शिक्षक का है, जिन्होंने योजना को ज़मीन पर सफलतापूर्वक लागू किया।”
राज्य के प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्य स्तर के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे:
विनायक मिश्र, निदेशक, मध्याह्न भोजन योजना, पटना
रूपेन्द्र सिंह, सहायक निदेशक
डॉ. प्रगति, पोषाहार विशेषज्ञ
संगीता गिरी, एसीपी, यूनिसेफ
प्रकाश सिंह, यूनिसेफ प्रतिनिधि
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी।
अररिया की यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक है, बल्कि यह भी प्रमाण है कि जब योजना धरातल पर ईमानदारी और समर्पण से लागू होती है, तो परिणाम राज्य स्तरीय मंच पर दिखाई देते हैं। अब अररिया न केवल सीमांचल, बल्कि पूरे बिहार के लिए मॉडल जिला बनकर उभरा है।


