
उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल का जोरदार स्वागत — नेताओं, उद्योगपतियों, कार्यकर्ताओं व विद्यार्थियों ने बढ़ाया उत्साह
उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल का जोरदार स्वागत — नेताओं, उद्योगपतियों, कार्यकर्ताओं व विद्यार्थियों ने बढ़ाया उत्साह
किशनगंज में इंडस्ट्रियल एन्ट्री

उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल का जोरदार स्वागत — नेताओं, उद्योगपतियों, कार्यकर्ताओं व विद्यार्थियों ने बढ़ाया उत्साह
किशनगंज से लौटकर डॉ.रूद्र किंकर वर्मा l
शपथ ग्रहण के बाद पहली बार किशनगंज पहुंचे बिहार सरकार के उद्योग मंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल का सोमवार को ऐतिहासिक स्वागत हुआ। ढोल-नगाड़ों, जयघोष और फूलमालाओं के बीच कार्यकर्ताओं, नागरिकों, कारोबारियों और छात्रों ने गर्मजोशी से अभिनंदन किया। शहर का माहौल उत्सवी और ऊर्जा से भरा रहा।
मीडिया से बातचीत में मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा—
“एनडीए की दो-तिहाई बहुमत वाली जीत जनता के विकास-विश्वास की जीत है। बिहार में कानून का राज, औद्योगिक विकास और युवाओं को रोजगार हमारी प्राथमिकता है। अब पलायन रुकेगा, अवसर यहीं बनेगा।”
38 जिलों में संगठनात्मक कनेक्ट
डॉ. जायसवाल ने बताया कि पिछले 15 महीनों में उन्होंने 38 जिलों में लगातार प्रवास, कार्यकर्ता सम्मेलन और संवाद किया—“पाँचों घटक दलों के बीच समन्वय स्थापित करना चुनौती था, लेकिन टीम वर्क ने इतिहास रच दिया।”
स्थानीय नेतृत्व और उद्योगजगत की मजबूत उपस्थिति
स्वागत कार्यक्रम में प्रमुख रूप से—
राजकरण दफ्तरी (उद्योगपति)
त्रिलोकचंद जैन (पूर्व चेयरमैन)
लखविंदर सिंह लक्खा (उद्योगपति)
गोपाल मोहन सिंह (जिला अध्यक्ष)
शिशिर दास (वरिष्ठ अधिवक्ता)
ने मंत्री के कार्यों और विज़न पर भरोसा जताया।सबका मानना है—अब किशनगंज और सीमांचल में उद्योग, कारोबार और रोजगार का नया रास्ता खुलेगा।
विजन: ‘मेड इन बिहार’
मंत्री ने संकेत दिया कि 25 तारीख को दिल्ली में केंद्र सरकार के साथ औद्योगिक निवेश पर हाई-लेवल बैठक होगी—
“लक्ष्य है—सुई, बर्तन, माइक, कैमरा, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट—सब बिहार में बने। उद्योग का जाल बिछाने की तैयारी तेज है।”
स्पॉटलाइट
🔹 ढोल-नगाड़ों के बीच ग्रैंड रिसेप्शन
🔹 युवा, व्यापारी, छात्र—सभी में उत्साह
🔹 एनडीए की बड़ी जीत का जश्न
🔹 इंडस्ट्रियल रोडमैप चर्चा में
किशनगंज का स्वागत सिर्फ एक औपचारिक मंच नहीं—विकास, निवेश और नौकरी की उम्मीदों का संकेत है। अब नज़र इस बात पर होगी कि यह राजनीतिक जोश कितनी तेजी से ज़मीनी उद्योग और रोजगार में बदलता है। यदि विज़न लागू हुआ—किशनगंज, सीमांचल और पूरा बिहार आर्थिक मानचित्र पर नई पहचान बनाएगा।



