इंडिया गठबंधन के बिहार बंद के आह्वान को फारबिसगंज में ज़मीन पर जबरदस्त समर्थन मिला।
फारबिसगंज में ‘हिटलरशाही’ फरमान के खिलाफ सड़कों पर इंडिया गठबंधन, राजद नेता अविनाश आनंद के नेतृत्व में बिहार बंद रहा प्रभावी
चुनाव आयोग के आदेश को बताया लोकतंत्र पर कुठाराघात, सुभाष चौक बना प्रतिरोध का केंद्र
“तेजस्वी के आह्वान पर अविनाश आनंद का जोरदार नेतृत्व”

फारबिसगंज |
बिहार में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जारी आदेश के खिलाफ इंडिया गठबंधन के बिहार बंद के आह्वान को फारबिसगंज में ज़मीन पर जबरदस्त समर्थन मिला। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बुलाए गए इस आंदोलन का नेतृत्व फारबिसगंज में राजद के तेजतर्रार नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष मंडल अविनाश आनंद ने किया।
सैकड़ों समर्थकों और सहयोगी दलों के नेताओं के साथ सुभाष चौक पर चक्का जाम कर अविनाश आनंद ने “लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई” का बिगुल फूंका।
“हिटलरशाही नहीं चलेगी” – अविनाश आनंद का तीखा प्रहार
चक्का जाम स्थल पर संबोधित करते हुए राजद नेता अविनाश आनंद ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा –
> “बिहार की जनता को मताधिकार से वंचित करने की यह साज़िश मोदी-नीतीश की मिलीभगत है। यह पुनरीक्षण नहीं, लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश है। आयोग का यह तुगलकी आदेश संविधान पर सीधा हमला है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि “बिहार हत्या, लूट, बलात्कार, बेरोजगारी और महंगाई से कराह रहा है, लेकिन इन मुद्दों पर सत्ता मौन है। सुशासन की जगह जंगलराज 2.0 हावी है।”
इंडिया गठबंधन की ताकत सड़क पर दिखी
फारबिसगंज में चक्का जाम और बिहार बंद को सफल बनाने में इंडिया गठबंधन के सभी प्रमुख घटकों की एकजुटता दिखाई दी।
राजद, कांग्रेस, वामदल, वीआईपी, किसान प्रकोष्ठ और बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के नेताओं ने एकजुट होकर सड़कों पर मोर्चा संभाला।
प्रतिरोध की अगली कतार में दिखे ये प्रमुख चेहरे:
मंडल अविनाश आनंद – प्रदेश उपाध्यक्ष, राजद (अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ),मनोज विश्वास – जिला प्रधान महासचिव, विमल मंडल,
प्रो.क्रांति कुमार, अमित पूर्वे – राजद नेता,संजीव शेखर – कांग्रेस नेता,गेनालाल महतो – वाम नेता,सुरेश बहरदार (वीआईपी), राजा अली,देवेश ठाकुर – प्रदेश सचिव,बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ,ई.आयुष अग्रवाल, रेहान आलम, विजय सिंह यादव, अरुण कुमार यादव, नौशाद अहमद, निकेश यादव, तौसीफ आलम,इकबाल अंसारी, सुशील विश्वास, संजीत मंडल, अमितेश कुमार, प्रयाग पासवान, इबरार आलम, सिप्पू मंडल, हेमंत यादव, गुलाबचंद ऋषिदेव, अभिनंदन, रमेश कुमार, बिट्टू मिश्रा, सावन साह, राजा यादव, मंगलम विश्वास
संविधान और मताधिकार की रक्षा का संकल्प
चक्का जाम कार्यक्रम सिर्फ विरोध नहीं था, यह जनगण की चेतना का उद्घोष था। फारबिसगंज की जनता ने एक सुर में कहा –
> “जिसने हमें वोट देने का अधिकार दिया, हम उसके खिलाफ कोई खिलवाड़ नहीं सहेंगे। लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम सड़कों पर उतरते रहेंगे।”
“तेजस्वी के आह्वान पर अविनाश आनंद का जोरदार नेतृत्व”


