
यूभीके कॉलेज कड़ामा में सख्ती के साथ संचालित हो रही स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा
यूभीके कॉलेज कड़ामा में सख्ती के साथ संचालित हो रही स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा
यूभीके कॉलेज कड़ामा में सख्ती के साथ संचालित हो रही स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा
शांतिपूर्ण व नकलमुक्त माहौल में परीक्षा, प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

आलमनगर |
उदयनाचार्य विद्याकर कवि महाविद्यालय (यूभीके कॉलेज), कड़ामा, आलमनगर में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा कड़ी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं नकलमुक्त माहौल में संचालित हो रही है।
कॉलेज परिसर में परीक्षा को लेकर प्रशासनिक सख्ती साफ नजर आ रही है, जिससे छात्रों में अनुशासन और व्यवस्था बनी हुई है।
दो पालियों में बड़ी संख्या में छात्रों ने दी परीक्षा
परीक्षा केंद्र के केंद्र अधीक्षक सह प्रधानाचार्य डॉ. माधवेंद्र झा ने जानकारी देते हुए बताया कि—
प्रथम पाली में: 1345 छात्र–छात्राओं ने परीक्षा दी
द्वितीय पाली में: 1422 छात्र–छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया lउन्होंने बताया कि परीक्षा संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि की कोई सूचना नहीं मिली है।
प्रशासन की कड़ी निगरानी, पुलिस–दंडाधिकारी तैनात
मालूम हो कि परीक्षा को निष्पक्ष और नकलमुक्त बनाए रखने के लिए उदाकिशुनगंज के एसडीएम एवं एसडीपीओ के सहयोग से—
दंडाधिकारी पुलिस पदाधिकारी
पुलिस बल पूरी तरह से मुस्तैद और सतर्क नजर आ रहे हैं।
मोबाइल–बैग पर सख्त रोक, सुरक्षित कक्ष में रखे जा रहे सामान
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए—
सभी विद्यार्थियों के मोबाइल फोन और बैग
परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व
कॉलेज परिसर में बनाए गए सुरक्षित कक्ष में जमा कराए जा रहे हैं जिससे नकल की किसी भी संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
ठंड को देखते हुए अभिभावकों के लिए अलाव की व्यवस्था
भीषण ठंड को देखते हुए महाविद्यालय प्रशासन द्वारा
कॉलेज परिसर के बाहर अभिभावकों के लिए अलाव की विशेष व्यवस्था की गई है, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
16 दिसंबर से 4 जनवरी तक चलेगी परीक्षा
गौरतलब है कि स्नातक प्रथम सेमेस्टर की यह परीक्षा
16 दिसंबर से प्रारंभ हुई है और
04 जनवरी तक संचालित की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था का अनुशासित उदाहरण बना यूभीके कॉलेज
यूभीके कॉलेज कड़ामा में परीक्षा का सुव्यवस्थित और नकलमुक्त संचालन विश्वविद्यालयी परीक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है



