
ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर में एक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर में एक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया।
चेतना (प्रज्ञा प्रवाह), उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर के महिला आयाम के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संचालित संपर्क अभियान (8 मार्च से 22 मार्च 2026) के अंतर्गत आज दिनांक 17 मार्च 2026 को ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर में एक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम महाविद्यालय परिसर में गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ममता रानी, पूर्व प्राचार्य डॉ. विजेंद्र झा, बरसर श्रीमती संध्या कुमारी सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण एवं शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार, अंग्रेजी विभाग के डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. आशा कुमारी, गणित विभाग के डॉ. योगेश कुमार, डॉ. साक्षी वर्मा, वाणिज्य विभाग के डॉ. कल्याणी, डॉ. लक्ष्मी, डॉ. रचना, डॉ. फिरोज, विज्ञान विभाग के डॉ. अरुण कुमार, डॉ. प्रतिमा, राजनीति विज्ञान विभाग की डॉ. शशि कुमारी, इतिहास विभाग की डॉ. रूमा, संस्कृत विभाग की डॉ. नीतू, हिंदी विभाग की डॉ. ममता, डॉ. ज्योति तथा गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आभा रानी की विशेष उपस्थिति रही।
इसके अतिरिक्त चेतना (प्रज्ञा प्रवाह) के विभाग संयोजक श्री कन्हैया सिंह, तथा श्री जितेंद्र कुमार एवं श्री धर्मेंद्र जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस कार्यक्रम का संयोजन राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ममता रानी ने की।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंतर्गत कार्यरत प्रज्ञा प्रवाह, जो मुजफ्फरपुर में “चेतना” के नाम से जानी जाती है, के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली एवं संगठनात्मक स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके माध्यम से समाज में बौद्धिक जागरूकता, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रीय विचारों के प्रसार के महत्व को रेखांकित किया गया।
साथ ही, संघ द्वारा वर्तमान समय में संचालित “पंच परिवर्तन” के व्यापक सामाजिक अभियान—जिनमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी भावना का संवर्धन तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता—पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। वक्ताओं ने इन परिवर्तनों को समाज के समग्र विकास एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ सार्थक संवाद भी स्थापित किया गया, जिसमें राष्ट्र जीवन से जुड़े समकालीन मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। सभी उपस्थित जनों ने इस प्रकार के बौद्धिक एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए अपने सहयोग एवं सहभागिता का आश्वासन दिया।
यह संपर्क अभियान समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद, समन्वय और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में स्थापित हो रहा है।
