
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में महिला आयाम की संयोजिका डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में महिला आयाम की संयोजिका डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में
मुजफ्फरपुर,

नारी शक्ति अध्ययन केंद्र के अंतर्गत पी.जी. महिला छात्रावास, छात्रावास संख्या–1, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में महिला आयाम की संयोजिका डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में एक सारगर्भित संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रंगाहरी की पुस्तक “व्यास: महाभारत में द्रौपदी” के अंतर्गत चयनित विषय “आज्ञा के राग में विनती” पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में नारी चेतना, आत्म-अभिव्यक्ति एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के प्रति जागरूकता को विकसित करना था। संवाद के दौरान छात्राओं ने विषय से जुड़े विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए तथा द्रौपदी के चरित्र के माध्यम से नारी शक्ति, स्वाभिमान और संवेदनशीलता के पहलुओं को समझने का प्रयास किया।
इस कार्यक्रम में लगभग 22 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता प्रस्तुत की, जिनमें प्रियागुप्ता, चाँदनी खातून, प्रतिभा कुमारी, शुचिता कुमारी, मासूम कुमारी, रितिका रंजनी, शिवानी राज, काजल कुमारी, शिवानी, शिल्पी, तृप्ति शाक्य, आलिया कुमारी, शिखा कुमारी, पूजा कुमारी, वर्षा, आरती, ज्योति, सुमन, नेहा, लक्ष्मी, रिया, ज्योति एवं दिवाशिनी शामिल थीं।
डॉ. अर्चना सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ग्रंथों में नारी के विविध स्वरूपों को समझना आवश्यक है, जिससे वर्तमान समाज में नारी सशक्तिकरण की दिशा और अधिक सुदृढ़ हो सके।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों के उत्साहपूर्ण योगदान की सराहना की गई।

