
चचेरे भाई ने ही रची थी लोको पायलट की हत्या की साजिश:
चचेरे भाई ने ही रची थी लोको पायलट की हत्या की साजिश:
चचेरे भाई ने ही रची थी लोको पायलट की हत्या की साजिश:

अमरदीप नारायण प्रसाद
समस्तीपुर पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, मुख्य आरोपी हथियार के साथ गिरफ्तार।
समस्तीपुर। समस्तीपुर जिले के ताजपुर थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई रेलवे लोको पायलट प्रमोद कॉपर की हत्या के मामले का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड मृतक का चचेरे भाई मंजीत कुमार ही निकला। पुलिस ने मुख्य आरोपी मंजीत को अवैध पिस्टल, कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई कार के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
बीती 2 अप्रैल 2026 को ताजपुर थाना के मोरवा पंचायत स्थित दरजिनीया पुल पेट्रोल पंप के पास घात लगाए अपराधियों ने रेलवे लोको पायलट प्रमोद कॉपर की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वे ड्यूटी से घर लौट रहे थे। इस मामले में मृतक की पत्नी गीतांजलि कुमारी ने 8 नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
ईर्ष्या और जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार मंजीत कुमार ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि प्रमोद कॉपर अपनी कमाई से लगातार जमीनें खरीद रहा था, जिससे वह काफी ईर्ष्या रखता था। इसके अलावा घर में रहने को लेकर भी दोनों भाइयों के बीच विवाद चल रहा था। इसी खुन्नस में मंजीत ने अपने सहयोगी धुरण सहनी के साथ मिलकर भाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस को चकमा देने की थी पूरी तैयारी
आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से हत्याकांड को अंजाम देने की कोशिश की थी:
घटना के वक्त मंजीत ने अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ दिया था ताकि पुलिस को उसकी लोकेशन पर शक न हो।
सीसीटीवी से बचने का प्रयास: उसने सीसीटीवी कैमरों को चकमा देकर अपनी स्विफ्ट कार (BR 33 BM 0886) का इस्तेमाल किया।
वह काफी समय से अपने चचेरे भाई के आने-जाने के समय की रेकी कर रहा था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय आसूचना के आधार पर पुलिस मंजीत तक पहुँचने में सफल रही।
एक देशी पिस्टल
10 जिंदा कारतूस
दो मैगजीन
घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार
टीम में इस सफल कार्रवाई में ताजपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा, तकनीकी शाखा प्रभारी कुणाल चन्द्र सिंह, डीआईयू के अमित कुमार, संतोष कुमार और ताजपुर थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अब इस मामले में संलिप्त अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में छापेमारी कर रही है।



