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समस्तीपुर में बूढ़ी गंडक नदी से अवैध बालू खनन जारी, प्रशासन मौन,मुफस्सिल थाना छेत्र में बालू माफियाओं का बोलबाला

जीवनदायिनी कही जाने वाली बूढ़ी गंडक नदी एक बार फिर माफियाओं के निशाने पर है

समस्तीपुर में बूढ़ी गंडक नदी से अवैध बालू खनन जारी, प्रशासन मौन,मुफस्सिल थाना छेत्र में बालू माफियाओं का बोलबाला

अमरदीप नारायण प्रसाद

समस्तीपुर। जिले की जीवनदायिनी कही जाने वाली बूढ़ी गंडक नदी एक बार फिर माफियाओं के निशाने पर है। मुफस्सिल थाना छेत्र के छोटी पुनास, बड़ी पुनास,सिंघिया,पोखरैरा,आदि जगहों के ढाब क्षेत्र में अवैध बालू खनन धड़ल्ले से जारी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ प्रशासन और संबंधित विभागों की आंखों के सामने हो रहा है, बावजूद इसके कार्रवाई नाम मात्र की भी नहीं हो रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना रात के अंधेरे में भारी संख्या में ट्रैक्टर और ट्रक नदी से बालू निकालकर अन्य जगहों पर भेजे जा रहे हैं। अब तो दिन में भी इस छेत्र में खुलेआम खनन चलता है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि नदी का प्राकृतिक स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है।
सूत्रों की मानें तो इस अवैध खनन में स्थानीय स्तर पर कुछ रसूखदारों और अधिकारियों की मिलीभगत भी है। यही कारण है कि शिकायतों के बावजूद न तो कोई ठोस जांच होती है और न ही कार्रवाई। बूढ़ी गंडक नदी का ढाब क्षेत्र पहले से ही अति संवेदनशील माना जाता रहा है, जहां जल स्तर में मामूली बदलाव बाढ़ जैसे हालात पैदा कर सकता है। ऐसे में इस तरह का मनमाना खनन आने वाले समय में बड़ी प्राकृतिक आपदा को भी जन्म दे सकता है।वही खनन पदाधिकारी का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है और जल्द ही अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। लेकिन सवाल यही है कि जब तक ठोस और नियमित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक माफियाओं का मनोबल बढ़ता ही रहेगा। जब इस मामले में पत्रकार के द्वारा खनन विभाग के कार्यालय जाया गया तो वहां कोई भी अधिकारी मौजूद नही थे जब उनसे फ़ोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो कोई भी अधिकारी फ़ोन उठाना भी मोनासिब नही समझे।

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